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महासमुंद / बसना। रायपुर जिले की धरसींवा विधानसभा अंतर्गत ग्राम नकटी में गरीब परिवारों के आशियानों पर बुलडोजर चलाए जाने की घटना को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है।
बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकार की बुलडोजर नीति ने गरीब, मजदूर और भूमिहीन परिवारों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि आज प्रदेश का हर वह गरीब परिवार, जिसने वर्षों से सरकारी भूमि पर अपना छोटा-सा आशियाना बनाकर जीवन बसाया है, भय के साये में जी रहा है। लोगों के मन में यह डर बैठ गया है कि न जाने कब उनके गांव में भी प्रशासन का बुलडोजर पहुंच जाए और वर्षों की मेहनत से बनाया गया उनका घर कुछ ही मिनटों में मलबे में बदल जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व गरीबों को छत देना है, न कि उनके सिर से छत छीन लेना। यदि किसी भूमि को लेकर विवाद है तो उसका समाधान मानवीय दृष्टिकोण और कानून के दायरे में होना चाहिए, लेकिन गरीबों के घरों पर सीधे बुलडोजर चलाना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने आरोप लगाया कि प्रदेश में गरीब, किसान, मजदूर और आम जनता पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही है। ऐसे समय में उनके आशियाने उजाड़ने की कार्रवाई लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है। उन्होंने कहा कि सरकार को गरीबों के पुनर्वास और आवास की व्यवस्था करनी चाहिए, न कि उन्हें बेघर करने की।
उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की कि प्रदेश में गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाने जैसी कार्रवाई तत्काल बंद की जाए। जिन परिवारों के आशियाने उजाड़े गए हैं, उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास, आवास और उचित मुआवजा दिया जाए। सरकार ऐसी नीति बनाए जिससे किसी भी गरीब परिवार को बेघर होने का भय न रहे।
मोक्ष कुमार प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गरीबों के आशियाने उजाड़ने का सिलसिला नहीं रुका तो प्रदेश की जनता इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि गरीबों की आवाज दबाई नहीं जा सकती। कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीब, किसान, मजदूर और वंचित वर्ग के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।
