लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन 31वें दिन भी जारी, जनप्रतिनिधियों व विभिन्न समाजों का मिला व्यापक समर्थन


बिलासपुर।  लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन लगातार 31वें दिन भी जारी रहा। लिंगियाडीह में चल रहे सांकेतिक आंदोलन को कांग्रेस नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप, उप नेता प्रतिपक्ष संतोषी राम बघेल, वरिष्ठ पार्षद शहजादी कुरैशी, मनहरण लाल कौशिक, रामा बघेल, पार्षद सुनील सोनकर, पार्षद मोहन श्रीवास सहित कई जनप्रतिनिधियों ने समर्थन दिया।

नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने कहा कि नगर निगम गरीबों का आशियाना उजाड़कर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और गार्डन बनाने के नाम पर मुनाफा कमाना चाहती है, जो पूरी तरह गलत है। गरीबों को उजाड़कर विकास नहीं किया जा सकता।


वरिष्ठ पार्षद शहजादी कुरैशी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने इन्हें वोट देकर गलती कर दी। चुनाव के समय पैर पड़ने वाले नेता, चुनाव जीतने के बाद जनता को धोखा दे रहे हैं। गरीबों की बद्दुआ से कोई नहीं बच सकता, एक दिन इसका असर जरूर होगा।

मनहरण लाल कौशिक ने कहा कि यह पहला विधानसभा क्षेत्र है जहां महिलाएं और आम जनता वोट देने के बाद खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। यहां बदले की राजनीति चल रही है।

सर्वदलीय विकास समिति के संरक्षक डॉ. रघु साहू, सर्व किसान संघ के कर्मी समाज एवं किसान नेता श्याममूरत कौशिक, परसराम कश्यप ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि अरपा अंचल के लोग एकजुट हैं और पूरी मजबूती के साथ इस न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहेंगे। पहली बार बेलतरा क्षेत्र में गरीब लोग इस कदर परेशान हैं। पूरे बेलतरा की जनता एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ रही है।

श्याममूरत कौशिक एवं डॉ. रघु साहू ने कहा कि सत्ता में आने के बाद कुछ लोग यह भूल गए हैं कि इन्हीं गरीबों के वोट से वे चुनाव जीतकर सत्ता में पहुंचे हैं, लेकिन आज उसी वर्ग का सम्मान नहीं किया जा रहा। यही कारण है कि बेलतरा की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

महिलाओं ने स्पष्ट किया कि उनका अनिश्चितकालीन महाधरना जारी रहेगा। महिलाओं का कहना है कि “जब तक सांस है, तब तक आस है।” लिंगियाडीह को सड़क और रास्ता निर्माण के नाम पर तोड़ने की कोशिश का लगातार विरोध किया जाएगा। 

सरकार किस्तों में बस्तियों को तोड़ने की साजिश रच रही है, जो चिंगराजपारा, चांटीडीह, बहतराई, खमतराई, मोपका सहित अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई दे रही है। सवाल यह है कि बार-बार लिंगियाडीह को ही टारगेट क्यों किया जा रहा है।

आंदोलनकारियों ने कहा कि मोपका, चिंगराजपारा, बहतराई, खमतराई, डबरीपारा और चांटीडीह जैसे क्षेत्रों के लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है, इसलिए सभी वर्गों को एकजुट होकर इस लड़ाई को एक बड़े जन आंदोलन का रूप देना होगा।

आंदोलन में महिलाओं का आक्रोश साफ दिखाई दिया। बड़ी संख्या में विभिन्न समाजों के प्रबुद्धजन भी शामिल हुए। पिछले कई दिनों से दुर्गा नगर की महिलाओं द्वारा महाधरना दिया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस नेता संजय यादव, 

साहू समाज के नेता भोलाराम साहू, प्रशांत मिश्रा, दिनेश घोरे, श्रवण दास मानिकपुरी, चतुर सिंह यादव, पिंकी देवांगन, यशोदा पाटिल, कुंती तिवारी, उमा मिश्रा, सबिता डे, वंदना डे, हेमलता देवांगन, लता देवांगन, पुष्पा देवांगन, राजकुमारी देवांगन, साधना यादव, कल्पना यादव, नंदकुमारी, जमुना शर्मा, संगीता यादव, 

रूपा सरकार, सीता साहू, ललिता मानिकपुरी, अर्पणा पटेल, शीला सिंह, लीला, उर्मिला, अनीता पाटिल, कुंती प्रजापति, सोनिया निषाद, कुमारी निषाद, रेशमी अहिरवार, उमा अहिरवार, सोनू गोस्वामी, श्रवण मानिकपुरी, डॉ. अशोक शर्मा, टिंकू, सतीश, महेश्वर, बलराम, अग्नू, सूरज यादव, लखन कश्यप, अनिकेत कश्यप, राजा पाटिल सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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