महासमुंद/बसना। बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण विधेयक के बावजूद आज उसी मुद्दे को फिर से उठाना सरकार की “दोहरी मानसिकता और राजनीतिक अवसरवाद” को उजागर करता है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि यह देश की महिलाओं के साथ सीधा अन्याय है कि एक ऐतिहासिक निर्णय को लागू करने के बजाय उसे बार-बार राजनीतिक मंच पर भुनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने के बजाय केवल चुनावी लाभ के लिए इस विषय को दोहराने का प्रयास कर रही है।
इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के रुख का समर्थन करते हुए प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी लगातार महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समान भागीदारी की आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सोच हमेशा महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने की रही है, न कि केवल घोषणाओं तक सीमित रहने की।
मोक्ष कुमार प्रधान ने आक्रामक अंदाज में कहा,
“जब संसद ने 2023 में सर्वसम्मति से महिला विधेयक पारित कर दिया था, तब आज उसे फिर से राजनीतिक मुद्दा बनाना यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री जी की नीयत में कहीं न कहीं खोट है। यह महिलाओं के सम्मान का सवाल है, इसे चुनावी हथियार बनाना देश की माताओं-बहनों का अपमान है।”
उन्होंने आगे कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और वे केवल भाषणों और प्रचार से संतुष्ट नहीं होंगी। उन्हें शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी में वास्तविक हिस्सेदारी चाहिए।
प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हर बड़े मुद्दे को “इवेंट मैनेजमेंट” में बदल रही है, जहां असल काम कम और प्रचार ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के हित में काम करना चाहती है तो उसे तुरंत प्रभाव से पारित विधेयक को लागू कर जमीनी स्तर पर बदलाव लाना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि बसना विधानसभा की जनता और देश की महिलाएं अब समझ चुकी हैं कि कौन उनके अधिकारों के लिए ईमानदारी से लड़ रहा है और कौन केवल दिखावे की राजनीति कर रहा है।
“महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीति नहीं, अधिकारों का वास्तविक क्रियान्वयन चाहिए”—मोक्ष कुमार प्रधान
Comments