मसानडबरा में युवाओं की एक , जहाँ मात्र 18–19 वर्ष आयु वर्ग के छह युवाओं ने अपने निजी संसाधनों से वंचित वर्ग के लोगों के लिए सेवा कार्य प्रारंभ

नगरी  - धमतरी जिले के ग्राम पंचायत साकरा अंतर्गत मसानडबरा में युवाओं की एक प्रेरणादायी पहल सामने आई है, जहाँ मात्र 18–19 वर्ष आयु वर्ग के छह युवाओं ने अपने निजी संसाधनों से वंचित वर्ग के लोगों के लिए सेवा कार्य प्रारंभ किया है। ये युवा निर्धन एवं जरूरतमंद लोगों के लिए पहनावा, शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएँ कर रहे हैं।
इस सराहनीय सेवा कार्य को अंजाम देने वाले संगठन का नाम “वंदे मातरम् सेवा ग्रुप” है। संगठन से जुड़े श्रीकांत गंजीर ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल मसानडबरा ग्राम तक सीमित न रहकर पूरे छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में समाज सेवा का विस्तार करना है।
बताया गया कि समाज सेवा की यह भावना सर्वप्रथम श्रीकांत गंजीर एवं उनके साथियों के मन में उत्पन्न हुई। इसके पश्चात आपसी विचार-विमर्श कर “वंदे मातरम् सेवा ग्रुप” के गठन का निर्णय लिया गया, जिसे सभी साथियों ने एकमत होकर स्वीकार किया। उल्लेखनीय है कि संगठन से जुड़े एक युवा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में अध्ययनरत हैं, जबकि अन्य सदस्य धमतरी में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ समाज सेवा करने के इस संकल्प को सभी युवाओं ने सहर्ष अपनाया।
युवाओं का कहना है कि उन्होंने गरीब एवं वंचित वर्ग की कठिन जीवन परिस्थितियों को निकट से देखा और महसूस किया कि भोजन, आवास व पहनावा जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उनका जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण है। इसी सेवा भावना से प्रेरित होकर पार्थ प्रजापति, सुजल मरकाम, यमन गंजीर, वेदांत देवांगन एवं कौशिक साहू की सहमति से इस सेवा कार्य की विधिवत शुरुआत की गई।

“वंदे मातरम् सेवा ग्रुप” का लक्ष्य केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में समाज सेवा के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करना तथा सामाजिक जागरूकता को सशक्त बनाना है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग शिक्षित, स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बन सके। वर्तमान में संगठन के सभी सदस्य तन-मन-धन से पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ निरंतर समाज सेवा में जुटे हुए हैं।
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