नगरी के पीएम श्री स्कूल में पाठ्यक्रम पूरा न होने से छात्र-छात्राओं अधूरी पढ़ाई के बीच बच्चे परीक्षा देंगे


नगरी -कक्षा 6वीं में अंग्रेजी विषय में 10 मार्च तक 5 पाठक्रम में केवल 1पाठ ही पढ़ाए गए हैं, 

कई कक्षाओं में आधा-अधूरा सिलेबस, परीक्षा नजदीक—पालकों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल

अब विभाग के उच्च अधिकारी किसके ऊपर कार्यवाही करेंगे 

बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहे हैं अब देखेंगे कैसे होंगे बच्चे पास 
 
नगरी - धमतरी नगरी विकासखंड के अंतर्गत संचालित शासकीय श्रृंगी ऋषि एक्सीलेंस इंग्लिश मीडियम स्कूल (पीएम श्री स्कूल) में
जहां पर हिंदी मीडियम स्कूल भी संचालित होता है जहां पर माध्यमिक शाला कुछ विषयों की पढ़ाई अधूरी छात्र छात्राओं ने बताया है 
कुछ विषयों का पाठ्यक्रम पूर्ण न होने के बावजूद परीक्षाएं नजदीक आने से छात्र छात्राओं में चेहरे पर निराजक स्थिति देखी जा रही है। 
कुछ पालकों का कहना है कि समय पर पढ़ाई पूरी नहीं होने से विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी कापी परेशानी का सामना करना पड़ेगा 
जिसमे जानकारी के अनुसार, कक्षा 6वीं में अंग्रेजी विषय में 18 मार्च तक केवल 3 पाठ ही पढ़ाए गए हैं, जबकि पुस्तक में कुल 12 पाठ शामिल हैं। इसी प्रकार कक्षा 7वीं में हिंदी के 3 पाठ शेष बताए जा रहे हैं, जबकि अंग्रेजी में अब तक 17 में से केवल 7 पाठ ही पढ़ाए गए हैं। इसके अलावा भूगोल विषय का पाठ्यक्रम भी अधूरा बताया जा रहा है।
वहीं कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों ने भी बताया कि अंग्रेजी विषय का लगभग 50 प्रतिशत पाठ्यक्रम ही पूरा कराया गया है, जबकि विद्यालय में में 25 से 30 शिक्षक भरीभरकम स्टॉप है लेकिन पढ़ाई न के बराबर हुआ 
जबकिबोर्ड की परीक्षा शुरू हो चुकी है। 
और जनरल  कक्षाओं परीक्षा 10 से 12 दिनो से परीक्षा शुरू होने वाले हैं अब देखना होगा कि पाठकय की पूर्ण काग्रजो में रह जायेगी यह छात्र छात्राओं के जीवन में उतरेंगी अब देखना होगा प्रशासन इस महत्व पूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर कितना सक्त कदम उठाते हैं 
ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी में कठिनाई होने की आशंका है।

उल्लेखनीय है कि नगरी एवं आसपास के दूरस्थ अंचल लगभग 20 से 40 किलों दूरी से ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस विद्यालय में अध्ययन करने आते हैं। छात्र-छात्राएं छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते हैं कुछ विद्यार्थी छात्रावास की सुविधा नहीं होने के कारण रिश्तेदार एवं किराए के मकानों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं कई पालक अपने बच्चों को मुख्यालय में रखकर अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के लिए अंतिम छोर ग्राम गांव से पलकों द्वारा मुख्यालय में अपने बच्चे को पढ़ाई के लिए छोड़ दिए रहते हैं ऐसे में अधूरी पढ़ाई को लेकर पालकों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है।
पालकों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के अनुसार फरवरी माह तक पाठ्यक्रम पूर्ण कर पुनरावृत्ति (रिवीजन) कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन विद्यालय स्तर पर इसका पूर्णतः पालन नहीं किया गया। इस संबंध में पालकों द्वारा समय-समय पर बैठक एवं व्यक्तिगत रूप से भी जानकारी दी गई, किंतु अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इस पूरे मामले में पालकों ने शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक पहल करने की अपेक्षा जताई है।

हालांकि, इस विषय में स्कूल के प्रभारी प्राचार्य एम.एस. प्रजापति ने बताया कि विद्यार्थियों को आधारभूत (बेसिक) पढ़ाई कराई गई है तथा लगभग 50 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूर्ण हो चुका है। शेष पाठ्यक्रम को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने भी संस्था प्रमुख के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया कि लगभग 50 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूर्ण होने की जानकारी मिली है और शेष पाठ्यक्रम जल्द पूर्ण करने की बात कही गई है।

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