बागबाहरा/महासमुंद: छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा जिले के बागबाहरा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में संचालित विकास कार्यों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने ग्राम भानपुर, तेन्दूलोथा, देवरी और डोंगाझार का दौरा कर जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की समीक्षा की।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
निरीक्षण के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विभागीय मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री जे.ए.सी.एस. राव, श्रीमती रेनू छाबड़ा, श्री रमेश, एवं श्री प्रवीण सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने फील्ड में चल रहे प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
किसानों की आय और पारंपरिक ज्ञान पर चर्चा
निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से औषधीय पौधों के संवर्धन (Cultivation), संरक्षण और उनके व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बोर्ड का उद्देश्य न केवल लुप्त होती दुर्लभ जड़ी-बूटियों को बचाना है, बल्कि इनके माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
आय में वृद्धि: औषधीय खेती को अपनाकर स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की योजना।
ज्ञान का संरक्षण: आदिवासी अंचलों में मौजूद पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान और औषधीय पद्धतियों को दस्तावेजीकरण के जरिए सुरक्षित करना।
सतत विकास: पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ औषधि पादप बोर्ड की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना।
इस दौरान विभागीय टीम ने स्थानीय हितग्राहियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना, ताकि भविष्य में इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
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