नगरी - नगरी विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित बेलर से जैतपुरी तक जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बेहद जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है विभाग द्वारा पिच रिपेयरिंग का कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है मगर आधे अधूरे किया जा रहा है कई बड़े बड़े गड़े को जगहों को छोड़ दिए हैं ग्रामीण लोगों ने कहा आधे अधूरे कार्य विभाग द्वारा रिपेयरिंग कार्य किया जाता रहा है साथ रोड पर छोटे छोटे गड़े को नहीं भरे जाए कहा जिसमे छोटे छोटे स्कूल बच्चे को परेशानी हो रहा है बड़े वाहन बस जैसे मोटर साइकिल विभिन्न साइड देने में कापी परेशानी होती है
कि आवागमन करना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। जगह-जगह बड़े गड्ढे, उखड़ी डामर रास्तों के कारण आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से बेलर, घुरावड़, बरबाधा, भुरसीडोगरी होते हुए जैतपुरी (जिला कांकेर) तक का संपर्क बना हुआ है, लेकिन लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण स्थिति बद से बदतर हो गई है। खासकर बरसात के मौसम में यह मार्ग पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो जाता है, रात्रि में आने जाने वाले मोटर साइकिल सवार रोड से दुर्घटना होकर कई लोग की घायल हो चुके है कुछ लोगों की दुर्घटनाम मौत भी हो चुकी है
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं और पिच रिपेयरिंग व नए निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इस संबंध में सरपंच महेश राम नेताम, पूर्व सरपंच पीलाराम नेताम, राजन लाल कोराम, ई. तवारी राम, विमल कुमार, बिदेराम नेताम, तिलकराम नेताम, लखन लाल, नारायण सिंह, हीरा सिंह मरकाम एवं कुशल सिंह मरकाम सहित अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नगरी एवं धमतरी मुख्यालय तक पहुंचने के लिए यही प्रमुख मार्ग है, जिसकी खराब स्थिति के कारण लोगों को अतिरिक्त समय और जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी प्रशांत साहू ने बताया कि जिन कार्यों को स्वीकृति मिली है, वे कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे स्वीकृति प्राप्त होते ही शेष कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
0 تعليقات