"मां के नाम एक पेड़" संकल्प के साथ विद्यालय परिसर में फलदार पौधारोपण किए
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बिलासपुर :- डी.पी.शुक्ल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भकुर्रा नवापारा में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में फलदार पौधों का सामूहिक रूप से रोपण किया गया। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक भावनाओं को जोड़ने की दिशा में एक सशक्त प्रयास रहा,जिसमें विद्यार्थियों ने सम्मान में पौधे लगाकर उन्हें एक विशेष संदेश दिए कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य रामजी राजपूत के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं,बल्कि यह भावनात्मक रूप से भी गहराई से जुड़ा कार्य है। जब हम एक पौधा अपनी मां के नाम पर लगाते हैं,तो उसमें केवल पर्यावरण का संरक्षण नहीं होता,बल्कि उसमें हमारे संस्कार,संवेदना और परिवार के प्रति हमारी श्रद्धा भी शामिल होती है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने घरों के आसपास भी पौधे लगाएं और उसकी देखरेख करें ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
इस अभियान के सफल संचालन में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन सिंह पोर्ते की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। उनके मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने टीम भावना के साथ पौधों का रोपण किया और उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प लिया। सहायक कार्यक्रम अधिकारी दिनेश लहरे ने भी छात्रों को पौधों की देखभाल से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यालय के अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों का भी सक्रिय सहयोग रहा। श्रीमती सती ठाकुर,श्रीमती बीना ठाकुर,सरवन पटेल एवं भीष्म जायसवाल ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए पौधारोपण में भाग लिया। सभी ने मिलकर करीब दो दर्जन से अधिक फलदार पौधे जैसे अमरूद,आम,जामुन,नींबू आदि का रोपण किया।
पौधारोपण कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख करेंगे,बल्कि समाज में भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे यह आयोजन न केवल विद्यालय के लिए गौरव का विषय बना,बल्कि यह एक सामाजिक प्रेरणा भी बन गया कि हर व्यक्ति अगर एक पेड़ अपने माता-पिता के नाम पर लगाए,तो धरती को हरित और सुरक्षित बनाया जा सकता है।


