आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिलने पर कलेक्टर सख्त,जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश


रायपुर :- जिले में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में डॉ.गौरव सिंह ने सरोना स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र बंद पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया।

निरीक्षण के समय केंद्र में न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थीं और न ही सहायिका। निर्धारित समय में केंद्र बंद पाए जाने से कलेक्टर ने तत्काल जिला कार्यक्रम अधिकारी को तलब कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों,गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण,स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण समन्वय एवं प्रारंभिक शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के केंद्र हैं। ऐसे में इनका बंद रहना शासन की मंशा के विपरीत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित सीडीपीओ,सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी से निर्धारित समय-सीमा में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा आकस्मिक निरीक्षण की कार्ययोजना तैयार की जाए। प्रत्येक केंद्र में निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित हो,पोषण आहार वितरण, वजन मापन,प्री-स्कूल गतिविधियां और अन्य योजनाओं का संचालन व्यवस्थित रूप से हो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि बच्चों में कुपोषण की दर घटे और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार हो। आंगनबाड़ी केंद्र इस दिशा में आधार स्तंभ की भूमिका निभाते हैं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।

उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई केंद्र बिना पूर्व सूचना के बंद पाया गया तो सीधे निलंबन अथवा अन्य कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं तो इसकी सूचना प्रशासन को दें,ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लाभार्थियों तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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