राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मंजूरपहरी में हुआ विशेष जनजागरण कार्यक्रम


ग्रामीण अंचल में हथकरघा उद्योग के महत्व पर दिया गया जोर,महिलाओं के सशक्तिकरण में हथकरघा की अहम भूमिका

बिलासपुर :- भारत सरकार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो,बिलासपुर द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में आदिवासी वन ग्राम मंजूरपहरी,विकासखंड बिल्हा,जिला बिलासपुर में ग्राम पंचायत के सहयोग से एक भव्य एवं विशेष जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण अंचल में हथकरघा उद्योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना तथा अधिक से अधिक लोगों को इस परंपरागत कला से जोड़ना रहा कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच मिलन सिंह मरावी,पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती रमौतीन नेताम, सामाजिक कार्यकर्ता रामदास मानिकपुरी,हथकरघा से जुड़े परिवार एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

केंद्रीय संचार ब्यूरो बिलासपुर के प्रभारी के.वी.गिरी ने अपने संबोधन में कहा कि हथकरघा क्षेत्र भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह न केवल देश की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करता है, बल्कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोजगार का एक सशक्त साधन भी है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए यह उद्योग आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने जुलाई 2015 में 7 अगस्त को ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ घोषित किया था, जिसका उद्देश्य हथकरघा उद्योग के महत्व और इसके सामाजिक-आर्थिक योगदान के प्रति देशवासियों में जागरूकता पैदा करना है। इस दिवस का पहला आयोजन 7 अगस्त 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चेन्नई में किया गया था।

ग्राम सरपंच मिलन सिंह मरावी ने अपने उद्बोधन में ग्रामवासियों से अपील की कि वे हथकरघा कार्य से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करें,बल्कि इस पारंपरिक कला को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि हथकरघा उत्पादों की खरीद से इस कार्य में लगे कारीगरों और बुनकरों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।

कार्यक्रम में विषय आधारित इनामी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया,जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विजेताओं को केंद्रीय संचार ब्यूरो की ओर से प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया ग्रामवासियों ने इस अवसर पर हथकरघा उत्पादों के प्रदर्शन में भी रुचि दिखाई और इनके संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

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