शासकीय कर्मचारी का दर्जा और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की रैली,सरकार को सौंपा ज्ञापन


बिलासपुर :- जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं गुरुवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आईं। भारी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने रैली निकालते हुए नारेबाजी की और प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। रैली में शामिल महिलाओं ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर गंभीर पहल नहीं की गई है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगें रखीं—पहली, उन्हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, और दूसरी,मानदेय में पर्याप्त वृद्धि की जाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि मात्र 10,000 रुपये मानदेय में घर का खर्च चलाना,बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और इलाज करवाना असंभव है। बढ़ती महंगाई के बीच यह राशि न तो जरूरतें पूरी कर पा रही है और न ही सम्मानजनक जीवनयापन के लिए पर्याप्त है।

संघ की जिला अध्यक्ष मंजू मेश्राम ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस, दोनों सरकारों ने मानदेय वृद्धि का दावा किया,लेकिन जमीन पर वास्तविक लाभ कार्यकर्ताओं को नहीं मिला। कई बार भुगतान में कटौती हो जाती है,जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने यह भी बताया कि विभागीय कार्यों के लिए जरूरी मोबाइल डाटा पैक भी उपलब्ध नहीं कराया जाता,जिसके कारण हितग्राहियों से संपर्क और ऑनलाइन कार्य में कठिनाइयां आती हैं।संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगी। उनका कहना है कि वे बच्चों और महिलाओं के पोषण,स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं


इसलिए उन्हें शासकीय कर्मचारी के समान सुविधाएं और वेतन मिलना चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष मंजू मेश्राम, लता रॉयल,ब्लॉक अध्यक्ष पंकज लता ठाकुर,वैजयंती करें सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मौजूद थीं। रैली के दौरान महिलाओं में जोश और एकजुटता साफ नजर आई,वहीं प्रशासन ने उनके ज्ञापन को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।

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