विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का 2 दिवसीय जिला स्तरीय परिषद प्रशिक्षण सम्पन्न
बसना। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का दो दिवसीय जिला स्तरीय परिषद प्रशिक्षण वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर बसना में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण का प्रारंभ शनिवार शाम 4:00 बजे से प्रारंभ होकर रविवार शाम 6:00 बजे प्रशिक्षण वर्ग की समाप्ति हुई ,शनिवार दोपहर 3:00 बजे एकत्रीकरण संध्या 4:15 से 5:30 तक उद्घाटन व प्रथम सत्र विषय विश्व हिंदू परिषद का स्थापना उद्देश्य व उपलब्धि प्रेमलता बिसेन दीदी के द्वारा लिया गया।
द्वितीय सत्र 5:30 से 6:50 तक पंच परिवर्तन ,शताब्दी वर्ष सरल मोदी, तृतीय सत्र 7 से 8 सत्संग वर्ग सुनील वर्मा, इस प्रकार से रविवार को प्रातः 5:00 बजे जागरण, 6:00 से 6:30 बजे तक एकात्मता मंत्र, 6:30 से 7:00 बजे तक गणेश राम साहू एवं विद्या चरण पटेल संघ स्थान 6:30 से 7:30 बजे तक योग प्रणाम खेल ठाकुर राम ,सौरभ अग्रवाल, एवम दिनेश डडसेना प्रथम सत्र प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे धर्मांतरण, लव जिहाद चुनौती एवं निराकरण शुभम नाग, द्वितीय सत्र 10:15 से 11:15 बजे तक धर्म रक्षा निधि मासिक बैठक प्रवास एवं सप्ताहिक सत्संग यशपाल साहू ,तृतीय सत्र कार्यकर्ता के गुण व्यवहार, व्यक्तिगत चरित्र एवं राष्ट्रीय चरित्र ठाकुर राम ,चतुर्थ सत्र ढाई बजे से 3:00 बजे तक हमारे वार्षिक कार्यक्रम सौरव अग्रवाल, 3:00 बजे से 3:30 तक अभ्यास सत्र उत्तम वर्मा ,पंचम सत्र 4:00 बजे से 5बजे तक कार्यकर्ता निर्माण एवं समिति निर्माण क्यों और कैसे अखिलेश दुनिया ने सत्र लिया, प्रशिक्षण वर्ग में पूरे महासमुंद जिला से जिला, प्रखण्ड एवं खंड स्तर के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया ।
जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में 80 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, शांति पाठ, जय घोष और भारत माता की आरती के पश्चात प्रशिक्षण वर्ग की समाप्ति हुई,ल।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गजेंद्र साहू रसोड़ा, सांवरमल अग्रवाल ,पार्षद पिंटू वार्ड नंबर 11, डिग्री पटेल , निकेतन साहू बीटागीपाली ,टीटू अग्रवाल पिरदा एवं सरस्वती शिशु मंदिर परिवार रामचंद्र अग्रवाल, महासमुंद जिले में निवासरत विश्व हिंदू परिषद ,बजरंग दल, मातृ शक्ति ,दुर्गा वाहिनी के समस्त प्रांत पदाधिकारी, विभाग, जिला प्रखंड एवं ग्राम समिति के कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम की संपूर्ण जानकारी विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री बसंत देवता ने दी।
