नंदी महाराज का स्थानांतरण: अतिक्रमण और उपेक्षा से व्यथित ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी

नगरी- विकासखंड नगरी के ग्राम सांकरा में स्थित ऐतिहासिक नंदी चौक — जो वर्षों से ग्राम की आस्था और पहचान का प्रतीक रहा है अब अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। इसी कारण ग्राम के समाजसेवी दिवंगत महेश सिन्हा द्वारा स्थापित नंदी महाराज की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, चौक के आसपास पिछले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ता गया, जिससे नंदी प्रतिमा का अस्तित्व और सौंदर्य दोनों प्रभावित होने लगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ व्यापारियों द्वारा चौक के किनारों पर दुकानें और स्थायी निर्माण कर लिए गए हैं, जिससे चौक की पवित्रता और सार्वजनिक स्वरूप समाप्त होता जा रहा है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि रात के समय कुछ असामाजिक तत्व चौक के समीप बैठकर शराब सेवन करते हैं तथा नंदी प्रतिमा के आस-पास गंदगी फैलाते हैं। इससे चौक की धार्मिक गरिमा को ठेस पहुँच रही है। नंदी प्रतिमा के चारों ओर लगाई गई ग्रिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था, जिसके कारण क्षेत्रवासियों में गहरा रोष है।

समाजसेवी स्वर्गीय महेश सिन्हा के पुत्र हितेश सिन्हा ने कहा कि “यह स्थल हमारी आस्था का प्रतीक है, लेकिन नंदी महाराज के पास असामाजिक गतिविधियों के कारण वातावरण दूषित हो गया था। भगवान का अपमान हमसे सहन नहीं हुआ, इसलिए प्रतिमा को सम्मानपूर्वक अन्य सुरक्षित स्थल पर स्थानांतरित किया गया।”

हितेश सिन्हा ने आगे कहा कि चौक कासौंदर्यीकरण, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग ग्राम पंचायत से कई बार की गई, ताकि यह स्थान ग्राम की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बना रहे। चौक के पास स्थित शहीद स्मारक और स्वास्थ्य केंद्र के बीच आकर्षक सौंदर्यीकरण से गांव की छवि और निखर सकती है।

इस संबंध में ग्राम पंचायत सांकरा के सरपंच ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और नंदी चौक के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव पंचायत में पारित हो चुका है। बजट स्वीकृत होते ही आवश्यक निर्माण और साफ-सफाई के कार्य कराए जाएंगे।

ग्राम व्यवस्था समिति के अध्यक्ष गिरवर भंडारी ने कहा कि पूर्व में सरपंच को भी और अभी वर्तमान सरपंच को भी उस जगह को सुंदरीकरण करने के लिए कहा गया था मगर आज तक नहीं किया गया वहीं वर्तमान सरपंच ने कहा कि पंचायत में प्रस्ताव हो गया हैऔर कि बजट आने के बाद निर्माण कार्य किया हितेश सिन्हा के द्वारा नदी महराज अपमान होने के कारण वहां से नंदी महाराज को दूसरी जगह स्थापित किया गया बताया 

ग्रामीणों का कहना है कि नंदी चौक केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि ग्राम की धरोहर और पहचान है। इसलिए प्रशासन और पंचायत दोनों को मिलकर इस स्थल के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
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