ध्रुव गोंड़ समाज की महिला प्रभाग ने कराया आदर्श विवाह, पेश की मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल
नगरी - नगर पंचायत नगरी में मानवता और सामाजिक संवेदना का एक अद्भुत उदाहरण सामने आया है। चुरियारा पारा स्थित ध्रुव गोंड़ समाज की महिला प्रभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर कन्या का आदर्श विवाह कराकर समाज में एक अनूठी मिसाल पेश की है।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नामक कन्या को उसके माता-पिता वर्षों पूर्व उसकी विधवा एवं वृद्ध नानी के पास छोड़कर चले गए थे, जिनका आज तक कोई पता नहीं चल सका। कठिन परिस्थितियों में नानी ने उसका लालन-पालन किया। वर्तमान में लक्ष्मी नगरी के चुरियारा पारा में अपने जीजा-दीदी के साथ रह रही थी, जो मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं।
इसी दौरान ग्राम भैंसामुड़ा के युवक जलाधार नेताम विवाह योग्य लड़की की तलाश में अपने रिश्तेदारों के साथ ध्रुव गोंड़ समाज तहसील नगरी के महासचिव नरेश छेदैहा के निवास पहुंचे। बातचीत के दौरान कन्या की स्थिति से अवगत कराया गया और वहीं पर वर-वधु की पहली भेंट करवाई गई। पहली ही नज़र में दोनों ने एक-दूसरे को पसंद कर लिया।
लड़की की आर्थिक परिस्थिति को देखते हुए समाज की महिला प्रभाग ने आदर्श विवाह कराने का प्रस्ताव रखा, जिसे वर पक्ष ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। समाज के सभा भवन में श्री बुढ़ा देव को साक्षी मानकर रीति-रिवाजों के साथ विवाह सम्पन्न हुआ। समाज की महिलाओं ने कन्या लक्ष्मी को अपनी बेटी की तरह खुशी-खुशी विदा किया।
फिजूलखर्ची रोकने और जरूरतमंद बेटी के विवाह को सरलता से सम्पन्न करवाने की इस पहल की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है।
कार्यक्रम में समाज के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे,
जिनमें—
तहसील महासचिव नरेश छेदैहा, सर्वाराकार सदस्य विष्णु भास्कर, भैंसामुड़ा क्षेत्र अध्यक्ष रामजी मरकाम, पूर्व उपक्षेत्रीय अध्यक्ष बलीराम नेताम, लखन लाल नेताम, पांगर प्रमुख खिरभान नेताम, उदय नेताम, छड़ीदार रवि ठाकुर, दशरथ मरकाम, खिलेश कुंजाम, गोदावरी छेदैहा, माधुरी ध्रुव, सावित्री छेदैहा, मानकी नेताम, सतरूपा कुंजाम, आशा ठाकुर, उषा कुंजाम, कुसली कुंजाम, सिरमोतीन छेदैहा, शांति नेताम, कलेंद्री नेताम, सावित्री नेताम, पुनीता नेताम सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
महिला प्रभाग द्वारा किया गया यह आदर्श विवाह समाज में जनसहयोग, संस्कार और मानवीयता की सशक्त मिसाल बन गया है।
