बिलासपुर: बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत कार्यशाला, युवाओं को मिला प्रशिक्षण

महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल: लॉ, MSW स्टूडेंट्स और युवोदय वॉलंटियर्स बने बाल संरक्षण के प्रहरी

लॉ और MSW स्टूडेंट्स को बाल संरक्षण कानूनों का प्रशिक्षण देते विशेषज्ञ

बिलासपुर. महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से लॉ स्टूडेंट्स, एमएसडब्ल्यू स्टूडेंट्स एवं युवोदय वॉलंटियर्स के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में किया गया। यह कार्यशाला विशेष रूप से लॉ स्टूडेंट्स, एमएसडब्ल्यू स्टूडेंट्स एवं युवोदय वॉलंटियर्स के लिए आयोजित की गई थी। जिले के विभिन्न विकासखंडों से प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया था और प्रशिक्षण का मुख्य फोकस इन्हीं पर केंद्रित रहा।

 कार्यक्रम “बाल विवाह मुक्त अभियान” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। प्रशिक्षण मुख्य रूप से लॉ स्टूडेंट्स, एमएसडब्ल्यू स्टूडेंट्स एवं युवोदय वॉलंटियर्स को प्रदान किया गया, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण मामलों की पहचान तथा आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से समझकर जागरूकता एवं सहयोग की भूमिका निभा सकें। 

कार्यशाला में उपस्थित स्कूली छात्र-छात्राएं और जागरूक प्रतिभागी


इस अवसर पर शशांक शर्मा एवं एनी रोज टोडर द्वारा प्रतिभागियों को विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। सत्र में बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधान, फोस्टर केयर एवं स्पॉन्सरशिप की प्रक्रिया, जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान, समय पर रिपोर्टिंग एवं विभागीय समन्वय जैसे विषयों पर स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

 कार्यशाला में स्कूल के छात्र-छात्राओं की भी उपस्थिति रही, जिससे जागरूकता का सकारात्मक वातावरण बना। साथ ही डीसीपीयू विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने भी अपने स्तर से मार्गदर्शन साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं वॉलंटियर्स को सशक्त बनाना था, ताकि वे अपने क्षेत्र में बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा सकें तथा बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने में सहयोगी बन सकें।

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