केंद्रीय बजट 2026-27 नए भारत की आर्थिक क्रांति का आधार,विकसित भारत के संकल्प को देगा निर्णायक गति
युवाओं,महिलाओं,श्रमिकों और उद्योग के लिए अवसरों का महासंगम : डॉ.प्रकाश अनन्त
छत्तीसगढ़/रायपुर :- संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता मजदूर संघ,छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.प्रकाश अनन्त ने इसे “नए भारत के निर्माण की ठोस आधारशिला” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों और घोषणाओं का दस्तावेज़ नहीं है,बल्कि यह देश के आर्थिक,सामाजिक और औद्योगिक भविष्य की स्पष्ट दिशा तय करने वाला विज़नरी रोडमैप है।
डॉ.प्रकाश अनन्त ने कहा कि भारत आज केवल तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने तक सीमित नहीं है,बल्कि केंद्र सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश शीघ्र ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने। केंद्रीय बजट 2026-27 इसी लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है,जो वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ आने वाले दशकों की चुनौतियों का भी समाधान प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अपनाए गए सुधारों को इस बजट ने नई ऊर्जा और गति प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि बजट में सनराइज सेक्टर्स को जिस मजबूती से प्राथमिकता दी गई है,वह भारत के औद्योगिक और तकनीकी भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। रेयर अर्थ कॉरिडोर,क्रिटिकल मिनरल्स,टेक्सटाइल सेक्टर,हाईटेक टूल मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस्ड इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देकर सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत किया है। यह कदम न केवल घरेलू उत्पादन को बढ़ाएगा,बल्कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में एक सशक्त भागीदार बनाएगा।
डॉ.अनन्त ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास इस बजट की रीढ़ है। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क,और टियर-2 व टियर-3 शहरों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान देकर सरकार ने संतुलित क्षेत्रीय विकास की दिशा में ठोस पहल की है। इससे देश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी उसके नागरिक होते हैं और इस बजट में मानव संसाधन के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। स्किल डेवलपमेंट,स्टार्टअप इकोसिस्टम,और सस्टेनेबल ग्रोथ पर केंद्रित योजनाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि देश की प्रगति केवल तेज़ ही नहीं,बल्कि टिकाऊ और समावेशी भी हो। स्किल,स्केल और सस्टेनेबिलिटी इस बजट के तीन मजबूत स्तंभ हैं।
डॉ.प्रकाश अनन्त ने बजट को “युवा शक्ति का बजट” बताते हुए कहा कि ऑरेंज इकोनॉमी,पर्यटन,खेलो इंडिया मिशन और स्टार्टअप सेक्टर के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार,स्वरोजगार और उद्यमिता के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। भारत को वैश्विक डेटा सेंटर हब बनाने की दिशा में टैक्स में दी गई बड़ी राहत से आईटी, डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारी निवेश आएगा,जिससे लाखों नए रोजगार सृजित होंगे।
महिला सशक्तिकरण को बजट का एक सशक्त आधार बताते हुए डॉ.अनन्त ने कहा कि देश की 10 करोड़ से अधिक महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हैं। बजट में महिला-नेतृत्व वाले समूहों,स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने का स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। “हर घर लक्ष्मी” की अवधारणा को साकार करने की दिशा में प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल निर्माण का प्रावधान सामाजिक परिवर्तन का ऐतिहासिक कदम है,जिससे बालिकाओं की शिक्षा,सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
डॉ.प्रकाश अनन्त ने बताया कि केंद्र सरकार ने “रिफॉर्म ओवर रेटोरिक” की नीति के तहत देश की संभावनाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने के लिए तीन प्रमुख कर्तव्य तय किए हैं—
पहला : उत्पादकता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर तेज़ और टिकाऊ आर्थिक विकास;
दूसरा : आम नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा कर उन्हें समृद्धि का सशक्त भागीदार बनाना;
तीसरा : सबका साथ,सबका विकास के संकल्प के साथ हर क्षेत्र,वर्ग और समुदाय को समान अवसर प्रदान करना।
उन्होंने कहा कि बजट में 500 जलाशयों के इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट, महिला समूहों और एफपीओ (FPO) को प्रोत्साहन तथा इन्क्लूसिव ग्रोथ को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इससे कोस्टल और इनलैंड दोनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। जल संसाधनों को आय के स्थायी स्रोत के रूप में विकसित कर मछुआरों,महिला समूहों और छोटे उत्पादकों को संगठित बाजार से जोड़ने की यह पहल ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत के लिए नई संभावनाएं खोलेगी।
अंत में डॉ.प्रकाश अनन्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 छत्तीसगढ़ को विकास की राष्ट्रीय धारा से और अधिक मजबूती से जोड़ने वाला सिद्ध होगा। यह बजट राज्य के युवाओं,महिलाओं,किसानों,उद्यमियों और श्रमिक वर्ग के लिए नए अवसरों का सशक्त द्वार खोलेगा और विकसित छत्तीसगढ़ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

