केंद्रीय बजट जन अपेक्षाओं पर खरा नहीं,गरीब-किसान-मजदूरों की अनदेखी : चित्रकांत श्रीवास
बिलासपुर :- केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट को छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प बोर्ड के उपाध्यक्ष चित्रकांत श्रीवास ने आम जनता के हितों के विरुद्ध बताया है। उन्होंने इस बजट को अब तक का सबसे निराशाजनक और जनविरोधी बजट करार देते हुए कहा कि इसमें गांव,गरीब,किसान और श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए कोई ठोस और प्रभावी प्रावधान नहीं किए गए हैं।
चित्रकांत श्रीवास ने कहा कि बजट से जनता को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन यह बजट उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाया। विशेष रूप से युवा,महिलाएं,बुजुर्ग और बेरोजगार वर्ग इस बजट से स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आम आदमी की समस्याओं को नजरअंदाज करते हुए केवल चुनिंदा वर्गों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।
उन्होंने आगे कहा कि बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए बजट में कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आती,वहीं रोजगार सृजन को लेकर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। देश पहले ही बेरोजगारी और महंगाई की दोहरी मार झेल रहा है,ऐसे समय में यह बजट राहत देने के बजाय आम जनता की परेशानियों को और बढ़ाने वाला साबित होगा।
श्रीवास ने कहा कि देश की सबसे गंभीर समस्याएं आज बेरोजगारी और महंगाई हैं,लेकिन बजट में रोजगार उपलब्ध कराने का कोई स्पष्ट रोडमैप या दीर्घकालिक योजना दिखाई नहीं देती। उन्होंने आशंका जताई कि मौजूदा बजट आने वाले समय में महंगाई और बेरोजगारी दोनों को और अधिक बढ़ा सकता है।अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट जनभावनाओं के विपरीत है और साफ तौर पर आम जनता के साथ छलावा प्रतीत होता है,जिससे लोगों में गहरी निराशा और असंतोष व्याप्त है।

