मालेगांव बम ब्लास्ट केस से बरी मेजर रमेशचंद्र उपाध्याय बोले,सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए रचा गया था भगवा आतंकवाद का षड्यंत्र
बिलासपुर :- मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में सभी आरोपों से बरी होने के बाद शाश्वत हिन्दू जागृति संस्थान के राष्ट्रीय सह संयोजक मेजर रमेशचंद्र उपाध्याय सोमवार को न्यायधानी बिलासपुर पहुंचे। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि “सनातन धर्म और राष्ट्रभक्त संगठनों को बदनाम करने के लिए तत्कालीन कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने सुनियोजित षड्यंत्र रचा। ‘भगवा आतंकवाद’ का झूठा नैरेटिव खड़ा करने के लिए मुझे, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और कर्नल पुरोहित जैसे देशभक्तों को फंसाया गया।"
मेजर उपाध्याय ने बताया कि इस पूरी साजिश का उद्देश्य राजनीतिक स्वार्थ साधना और एक विशेष धर्म के वोट बैंक को मजबूत करना था। उन्होंने कहा कि “हमें झूठे केस में फंसाने का दबाव डाला गया। बार-बार कहा गया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के शीर्ष नेताओं के नाम उजागर करें,लेकिन हमने कभी झूठ स्वीकार नहीं किया।”
उन्होंने अपने ऊपर हुए अमानवीय अत्याचार का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा – “दस वर्षों तक लगातार असहनीय शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। हड्डियां तोड़ी गईं,जलती सिगरेट से शरीर को दागा गया,बिजली के झटके दिए गए और मानसिक रूप से तोड़ने के लिए वर्षों तक जेल में बिना सुनवाई रखा गया। बावजूद इसके हमने सत्य का साथ नहीं छोड़ा।”
मेजर उपाध्याय ने बताया कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई केवल इसलिए की गई क्योंकि उनकी संस्था हिन्दू समाज और राष्ट्रहित में कार्य कर रही थी। उन्होंने कहा कि झूठे नैरेटिव के कारण देश और समाज में सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की गई,लेकिन सत्य की हमेशा जीत होती है।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि “17 वर्षों तक हमने पीड़ा और अन्याय का सामना किया,परंतु अंततः विशेष अदालत ने हमें साक्ष्यों के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया। यह सत्य और न्याय की जीत है।” उन्होंने कहा कि अब वे पूरे देश में जाकर लोगों को इस षड्यंत्र की सच्चाई बता रहे हैं,ताकि आने वाली पीढ़ी को यह समझ आ सके कि कैसे राजनीति के लिए निर्दोषों को फंसाया गया।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने यह भी कहा कि “समाज को यह जानना जरूरी है कि सनातन धर्म और राष्ट्रभक्त संगठनों को आतंकवाद से जोड़ना एक सुनियोजित साजिश थी,जो असफल रही।"बिलासपुर आगमन के दौरान उन्होंने संगोष्ठी में भी हिस्सा लिया,जहां बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए और उनका स्वागत किया।
पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश महामंत्री संजय सिंह राजपूत,प्रदेश संयोजक अनुपम उपाध्याय,प्रदेश महासचिव सुनीता दीक्षित,समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मेजर उपाध्याय के इस बयान के बाद उपस्थित लोग भावुक हो उठे और उन्होंने उन्हें न्याय की लड़ाई में अडिग रहने के लिए बधाई दी।

