पानी टंकी अधूरी, ग्रामीण प्यासे – ठेकेदार की लापरवाही और विभागीय उदासीनता उजागर
नगरी। विकासखंड नगरी के अंतिम छोर स्थित ग्राम पंचायत ठेन्ही एवं इसके आश्रित गांव गाताभरी, बासीन, तुमडीबाहरा, दौड़पानी सहित अन्य गांवों के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई जा रही पानी टंकी का निर्माण पिछले डेढ़ से दो वर्षों से अधूरा पड़ा है।
वहीं अधूरी टंकी, हिलती सीढ़ियां और गुणवत्ता पर सवाल ग्रामीणों का कहना है कि पानी टंकी का निर्माण कार्य शुरू से ही गुणवत्ता विहीन रहा। सीढ़ियों को सीधे और असुरक्षित तरीके से बना दिया गया, वहीं लगी हुई रेलिंग पूरी तरह हिल रही है। देखने से साफ प्रतीत होता है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण के दौरान एक मजदूर की मौत भी हुई थी, लेकिन ठेकेदार और विभाग ने सुरक्षा मानकों की परवाह नहीं की।ग्रामीणों का आरोप अधिकारियों ने नहीं दी सुध
ग्रामीणों ने बताया कि टंकी निर्माण कार्य के समय से लेकर अब तक विभागीय अधिकारी मौके पर कभी नहीं पहुंचे। ग्रामीण कई बार समस्या लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तक पहुंचे, लेकिन न तो जलापूर्ति शुरू हुई और न ही अधूरा निर्माण पूरा हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ घरों में 100 अधिक घरों नल कनेक्शन दिए तो गए, लेकिन उनमें अब तक एक बूंद पानी भी नहीं आया। नतीजतन ग्रामीण आज भी तालाब और सौर ऊर्जा से चलने वाले हैंडपंपों पर निर्भर हैं।
अब ग्रामीणों में धीरे धीरे गहरा आक्रोश ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना केवल कागजों में सिमट कर रह गई है। दो वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद अधूरी खड़ी टंकियां अब ग्रामीणों के लिए केवल देखने की वस्तु बन गई हैं।
सरपंच और उपसरपंच बोले – करेंगे उच्च अधिकारियों से शिकायत ग्राम पंचायत ठेन्ही के सरपंच एवं उपसरपंच ने बताया कि पानी टंकी निर्माण में भारी अनियमितताएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और विभागीय मंत्री से की जाएगी।
विभाग का पक्ष लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ ठाकुर ने स्वीकार किया कि टंकी में तकनीकी खामी आई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही टेढ़ी बनी टंकी को तोड़कर नई टंकी का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही अधूरे बचे कार्य को प्राथमिकता से पूरा कर ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
