ग्राम चारगांव में धर्मांतरण को लेकर ग्रामीणों में रोष, एसडीएम नगरी को सौंपा ज्ञापन
जांच व कार्रवाई की मांग, कहा—समय रहते कदम नहीं उठाए तो बढ़ सकता है तनाव
नगरी- आदिवासी अंचल के ग्राम चारगांव में धर्मांतरण का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी संबंध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामवासी नगरी पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से ईसाई धर्मांतरण पर रोक लगाने तथा इस संबंध में तत्काल जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2006 से अब तक चारगांव के करीब 120 आदिवासी परिवारों ने अपना मूल गोंडवाना धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया है। समाज के वरिष्ठजन एवं प्रतिनिधियों द्वारा कई बार समझाने-बुझाने का प्रयास किया गया, परंतु कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।गांव के लोगों का कहना है कि धर्मांतरण की वजह से गांव में सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मतभेद बढ़ने लगे हैं। पारंपरिक आयोजनों में भी विभाजन की स्थिति बन गई है, जिससे गांव का वातावरण लगातार तनावपूर्ण बना रहता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि धर्मांतरण की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए और इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रमुख ग्रामीणों में बंदन सिंह मरकाम, गिरधर नेताम, देवनाथ नेताम, फरसुराम नेताम, परसोत्तम नेताम, उमेंद्र कुमार मरकाम, नारद कुमार मरकाम, बलराम वट्टी, सिरधर नेताम, रामसाय वट्टी, फेकन सिंह नेताम सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।
