ठेकेदार की सुस्ती, जनता की मुसीबत: देवपुर-सिहावा मार्ग बना हादसों का अड्डा
नगरी । नगरी विकासखंड सभी रोड की स्थिति काफी खराब हो चुकी है साथ मगर वही बारिश समाप्त होने के बाद भी रोड की डामरीकारण नहीं किया जा रहा है जिसमे देवपुर–सिहावा मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य बार-बार रुकने के कारण सड़क अधूरी पड़ी हुई है, जिससे रोड धूल के गुबार, उड़ती गिट्टी और गड्ढों की वजह से लोगों को प्रतिदिन परेशानी उठानी पड़ रही है।
रोड से रोजाना नगरी काम पर आने जाने वाले लोगों ने बताया कि अधूरे सड़क निर्माण के चलते धूल लगातार उड़ रहे है, जिससे आंखों में कंकड़-पत्थर जाने जैसी कापी समस्याएं उत्पन्न हो रही है सोनामगर गांव के मार्ग पर स्थित सब्जी बाजार के व्यापारी भी शिकायत कर रहे हैं कि सड़क से उठने वाली धूल सीधे सब्जियों पर जम रही है। आसपास के घरों में भी डस्ट की परत साफ दिखाई देती है, जिससे लोगों को स्वच्छता बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। बाजार में लोग मुंह पर स्कार्फ बांधकर आई-जाते लोग दिखाई दे रहे हैं
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा सड़क पर पानी तो डाला जाता है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। वहीं कई स्थानों पर केवल गिट्टी बिछी है, जिसके कारण दोपहिया वाहन फिसलने की घटनाएं बढ़ रही हैं। सोनामगर की एक महिला हाल ही में फिसलकर घायल हो गई थी। ऐसी घटनाओं लगातार सामने दिखाई देती है।
लोगों का कहना है कि सड़क में जगह-जगह बने गहरे गड्ढों से वाहन चालकों के लिए सफर जोखिमभरा हो गया है। कई मार्गों पर स्थिति इतनी खराब है कि दुर्घटना की आशंका हर समय बनी रहती है।
इधर घटुला–बोराई मार्ग पर भी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा रिपेयरिंग के नाम पर सिर्फ मिट्टी डालकर औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि स्थायी मरम्मत अब तक नहीं हुई। कर्मचारियों ने भी स्वीकार किया कि उन्हें अस्थायी रूप से मिट्टी डालने के निर्देश मिले हैं।
वहीं बेलर–जैतपुरी मार्ग पर ग्राम पंचायत भूसीडोंगरी के निकट वर्षा जल निकासी हेतु पूर्व में बनाई गई नाली की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नाली बंद होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे सड़क संकरी हो गई है और दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
इस विषय पर विकासखंड नेत्र अधिकारी देवेंद्र कुमार साहू ने बताया कि “धूल, गिट्टी और कंकड़ के कण आंखों में जाने से संक्रमण, खुजली एवं अन्य नेत्र समस्याएं होने का खतरा रहता है, इसलिए ऐसी स्थिति में सावधानी अत्यंत आवश्यक है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा कराया जाए तथा धूल, गिट्टी, गड्ढों और जल निकासी की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो और लोगों को राहत मिल सके। साथ विभागीय अधिकारी के उदासीनता के चलते निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहे हैं लोगों के द्वारा कहा गया
वही विभागीय अधिकारी ने जल्द से जल्द डामरी कारण निर्माण कार्य को तेजी लाने की बात की गई
