1फरवरी से ऐतिहासिक कर्णेश्वर मेला महोत्सव पांच दिवसीय आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां, मंदिर परिसर का हो रहा रंग-रोगन...


नगरी- ऐतिहासिक एवं आस्था का प्रतीक कर्णेश्वर मेला महोत्सव का आयोजन इस वर्ष 1 फरवरी से 5 फरवरी तक श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ किया जाएगा। कर्णेश्वर ट्रस्ट की रविवार को आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से पांच दिवसीय मेला महोत्सव को परंपरानुसार भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष श्री विकल गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

मेला महोत्सव का शुभारंभ 31 जनवरी की संध्याकालीन बेला में कर्णेश्वर महादेव एवं चित्रोत्पला गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ होगा। इसके पश्चात मध्यरात्रि में बालका एवं महानदी के संगम स्थल पर शाही पुन्नी स्नान का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सिहावा अंचल सहित ओडिशा एवं बस्तर क्षेत्र के देवी-देवताओं का अपने-अपने देव विग्रहों के साथ आगमन होगा, जिसे लेकर व्यापक तैयारियों पर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
1 फरवरी को पूर्णिमा स्नान एवं 2 फरवरी को पारंपरिक मड़ई का आयोजन किया जाएगा। परंपरा अनुसार इसी दिन देवी-देवता मेला परिसर की परिक्रमा करेंगे। बैठक में मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें मेला पूर्व पूर्ण करने का निर्णय लिया गया।
ट्रस्ट अध्यक्ष श्री विकल गुप्ता ने बताया कि ऐतिहासिक कर्णेश्वर मेला महोत्सव को हर वर्ष की भांति सुव्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप देने के लिए ट्रस्ट द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मेला क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंदिर परिसर का रंग-रोगन एवं चित्रकारी, पेयजल, भोजन व्यवस्था, वाहन पार्किंग सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मेला के अंतिम स्वरूप को लेकर आगामी बैठक में बाजार, वाहन पार्किंग एवं मीना बाजार की नीलामी की जाएगी।

बैठक में वरिष्ठ ट्रस्टी स्व. झाड़ू राम यादव के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस अवसर पर वरिष्ठ ट्रस्टी श्री प्रकाश बैस, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा, उपाध्यक्ष रवि दुबे, रवि ठाकुर, कोषाध्यक्ष  निकेश ठाकुर, सचिव भरत निर्मलकर, सह सचिव रामभरोसे साहू सहित मोहन पुजारी, आनंद अवस्थी, नागेंद्र शुक्ला, छबि ठाकुर, गगन नाहटा, मोहन नाहटा, पेमन स्वर्णबेर, प्रेमलता नागवंशी, मिलेश साहू, खम्मन अडील, दुर्गेश साहू, अनिरुद्ध साहू, महेंद्र कौशल, अश्वनी निषाद, ललित निर्मलकर, टेश्वर ध्रुव, राकेश चौबे, डोमार मिश्रा, रवि भट्ट, हनी कश्यप, प्रकाश सार्वा, संतु राम साहू, प्रमेश निषाद, विनोद पुरी गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में ट्रस्ट सदस्य उपस्थित रहे।
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