डिलीवरी मरीज को धमतरी ले जा रही 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में हुई खराब, मां और बच्चे की जान पर बन आया संकट

नगरी - सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नगरी से एक प्रसूता (डिलीवरी केस) को धमतरी रेफर किया जा रहा था, लेकिन रास्ते में बड़ा हादसा टल गया। नगरी–भारतमाला मार्ग पर करेगांव के पास 108 एंबुलेंस अचानक खराब हो गई, जिसके चलते मरीज और परिजनों को घंटों तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा। बीच जंगल में एंबुलेंस के रुक जाने से प्रसूता महिला और पेट में पल रहे शिशु की स्थिति को लेकर परिजन बेहद चिंतित रहे।

वही चालक ने बताया कि सूचना पर धमतरी से दूसरी 108 एंबुलेंस भेजी गई, जिसके आने के बाद मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सका। समय पर एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण करीब कई घंटों की देरी हुई, जो प्रसूता के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती थी।
एंबुलेंस चालक ने बताया कि यह वाहन लगभग 10 साल पुराना है, जिसके कारण यह आए दिन खराब हो जाता है। उन्होंने कहा कि 108 सेवा का संचालन ठेकेदार के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन पुराने वाहनों की समय रहते मरम्मत या बदलने पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे इस तरह की गंभीर स्थिति बार–बार पैदा होती है। साथ ही ग्रामीणों और परिजनों मितानिनों का कहना है कि 108 जैसी आपातकालीन सेवा स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है, ऐसे में पुराने और खराब हो चुके वाहनों का प्रयोग मरीजों की जान से खिलवाड़ जैसा है। उन्होंने शासन–प्रशासन से मांग की है कि नगरी क्षेत्र में संचालित 108 एंबुलेंस की तुरंत जांच की जाए और पुराने वाहनों को बदलकर नई एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करती है और संबंधित विभाग का ध्यान आकृष्ट करती है।
वही 108 के चालक ने बताया कि दो माह से वेतन नहीं मिल रहा है जिसक चलते आर्थिक व्यवस्था खराब हो रही है कापी परेशानी समाना करना पड़ रहा है


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