मरवाही चोरी कांड: भोपाल की कुख्यात 'पारधी गैंग' का भंडाफोड़, 7.5 लाख की ज्वेलरी और नकदी के साथ एक आरोपी गिरफ्तार


मरवाही/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ की मरवाही पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने दिनदहाड़े सूने मकान में सेंधमारी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

 भोपाल (मध्य प्रदेश) की कुख्यात 'पारधी गैंग' ने मरवाही के एक घर में घुसकर महज आधे घंटे के भीतर साढ़े सात लाख रुपये के जेवरात और नकदी पार कर दिए थे। पुलिस ने इस मामले में गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

घटना का विवरण: सूने मकान को बनाया निशाना
मामला मरवाही थाना क्षेत्र के बरेता (वार्ड नं. 13) का है। प्रार्थी जीवन यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 दिसंबर 2025 की शाम, जब घर पर कोई नहीं था, तब अज्ञात चोरों ने पीछे के दरवाजे का टीन शेड तोड़कर भीतर प्रवेश किया। 

चोरों ने तीन कमरों के ताले तोड़कर आलमारी के लॉकर से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर (हार, मंगलसूत्र, चेन, अंगूठी, पायल आदि) और 2.15 लाख रुपये नकद, कुल 7,50,000 रुपये की संपत्ति चोरी कर ली थी।

जांच और सायबर सेल की भूमिका

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर. भगत (IPS) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओम चंदेल ने स्वयं मौके का मुआयना किया। SDOP दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में मरवाही पुलिस और सायबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई।

टीम ने क्षेत्र के लगभग 10 अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो संदिग्ध और बाद में एक बाइक पर तीन लोग जाते हुए दिखाई दिए। सायबर सेल ने 'टावर डंप' तकनीक का उपयोग कर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान की। सीडीआर (CDR) विश्लेषण से पुष्टि हुई कि भोपाल के पारधी गैंग के सदस्य घटना के समय मौके पर मौजूद थे।

भोपाल में दबिश और गिरफ्तारी

लोकेशन का पीछा करते हुए संयुक्त टीम मध्य प्रदेश के भोपाल पहुंची। वहां घेराबंदी कर महराणा पारधी (26 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। कड़ी पूछताछ में उसने अपने साथियों— पोंची उर्फ योगी पारधी और जेसपाल सिंह के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।

आरोपी ने खुलासा किया कि उन्होंने चोरी के जेवरात ग्राम कुटकीपुरा के पपुआ उर्फ ज्ञान सिंह अहिरवार को 4,75,000 रुपये में बेचे थे। आरोपी महराणा के हिस्से में आई रकम में से पुलिस ने 19,000 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया है।

संगठित गिरोह का जाल

पुलिस जांच में पता चला है कि यह एक पेशेवर और संगठित गिरोह है, जो दूसरे राज्यों में जाकर रेकी करता है और पलक झपकते ही वारदात को अंजाम देता है। पकड़े गए आरोपी और उसके फरार साथियों के खिलाफ मध्य प्रदेश के गुनगा थाने (भोपाल) में पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

मुख्य आरोपी और खरीदार फरार:

मामले के मुख्य सरगना पोंची, जसपाल और चोरी का माल खरीदने वाला पपुआ फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने आरोपी महराणा पारधी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

टीम की सराहना:

इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक शनिप रात्रे, सायबर सेल प्रभारी सुरेश ध्रुव, उप निरीक्षक श्याम लाल गढ़ेवाल सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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