घर आंगन से बालक को उठा ले गया जंगलो,में मिला शव, गांव गाताबाहरा में शोक की लहर..
नगरी – सीतानदी अभ्यारण्य के रिसगांव परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम गाताबाहरा में रविवार शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई। रविवार को करीब शाम 6 बजे गांव में तीन दोस्तों के साथ आंगन में खेल रहा एक मासूम बालक अचानक लापता हो गया। लापता बालक की पहचान देवेश कुमार मरकाम के रूप में हुई, जो घर के आंगन से रहस्यमय ढंग से गायब हो गया था।
परिजनों को जब बालक के लापता होने की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल आसपास खोजबीन शुरू की। काफी प्रयासों के बावजूद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तब ग्रामीणों ने आसपास के जंगलों की ओर तलाश तेज की। खोज के दौरान गांव से लगभग 400 मीटर दूर जंगल में बालक का शव मिलने की पुष्टि हुई। शव की पहचान उसके कपड़ों के आधार पर की गई। बताया जा रहा है कि बालक के चेहरे को तेंदुए ने नोच दिया गया है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ ही बालक को उठाकर जंगल की ओर ले गया।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को अवगत कराया। सूचना पाते ही वन विभाग के डीएफओ सहित विभागीय टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। आवश्यक कार्रवाई के बाद दूसरे दिन सोमवार को वन विभाग द्वारा पोस्टमार्टम कराए जाने के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक बालक की पहचान देवेश कुमार मरकाम, उम्र करीब 3 वर्ष पिता रोशन मरकाम एवं माता संगिता मरकाम के रूप में हुई है। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों में भी भय और आक्रोश का माहौल है तथा वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की जा रही है।
वही दूसरी ओर .....
नगरी— सोढूर (मेचका )क्षेत्र में कुछ महीनों के अंतराल के बाद एक बार फिर तेंदुए की सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेंदुए ने गांव ठेन्ही में दो पालतू पशुओं को अपना शिकार बना लिया, जबकि सोढूर क्षेत्र में भी गांव के समीप बैठे पशुओं को उठाकर ले जाने की घटना सामने आई है।
जिसमे प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो दिन पूर्व ग्राम ठेन्ही में उदयलाल नागेश के बछड़े को तेंदुए ने सामुदायिक भवन के पास स्थित घर के समीप रात्रि के समय मौत के घाट उतार दिया। वहीं, छतर सिंह यादव की गाय को गांव से कुछ दूरी पर जंगल क्षेत्र में मार गिराया गया। सोमवार सुबह इन घटनाओं की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ घरों के आसपास तक आ रहा है और गाय, बैल सहित अन्य पालतू पशुओं को निशाना बना रहा है। खेतों में तेंदुए के स्पष्ट पदचिह्न देखे गए हैं, जो पहाड़ी जंगलों की ओर जाते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होती है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ जमीन पर बने रास्तों के सहारे पशुओं को खींचते हुए ले गया है, जिसके निशान अब भी दिखाई दे रहे हैं।
इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। इस संबंध में ग्रामीण प्रकाश यादव ने बताया कि पूर्व में भी तेंदुआ उनके बछड़े को उठा ले गया था, जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन अब तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी रखने तथा पीड़ित पशुपालकों को शीघ्र मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। साथ ही, तेंदुए की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की अपील की गई है
