कर्मचारी आंदोलन का पहला दिन: जोश, एकजुटता और अनुशासन से आंदोलन करते दिखाई दिए....

नगरी - छत्तीसगढ़ कर्मचारी–अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर आज से प्रारंभ हुए तीन दिवसीय काम बंद–कलम बंद आंदोलन का पहला दिन पूरे जोश और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। आंदोलन के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी रावणभाठा मैदान, नगरी में एकत्रित हुए और अपनी लंबित मांगों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना एवं राजगीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिससे वातावरण देशभक्ति और संगठनात्मक चेतना से ओतप्रोत हो गया। इसके पश्चात आयोजित आमसभा को ब्लॉक संयोजक डोमार सिंह ध्रुव, महेन्द्र बोर्झा, सुरेंद्र ध्रुव, नीरज सोन, किशोर कश्यप, गिरीश जायसवाल, जोहन नेताम, मदन सेन, पदुम साहू सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में फेडरेशन की 11 सूत्रीय प्रमुख मांगों को विस्तार से रखते हुए कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की लगातार अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकार से लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील करते हुए “मोदी की गारंटी लागू करो” का नारा बुलंद किया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आंदोलन को शांतिपूर्ण, अनुशासित और व्यापक रूप देने का आह्वान किया। कर्मचारियों ने भी एक स्वर में आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया तथा आगामी दिनों में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही।प्रथम दिवस के आंदोलन में कर्मचारियों का उत्साह, अनुशासन और संगठनात्मक एकता स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन के और व्यापक होने के संकेत मिले हैं।

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