जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर प्रशासन का कड़ा प्रहार
अब तक 102 मामलों में 9,369 क्विंटल धान जप्त, राइस मिल में 3,020 कट्टा अतिरिक्त स्टॉक पकड़ा गया
खरीदी सीजन में पारदर्शिता बनाए रखने जिला प्रशासन की सतत निगरानी
महासमुंद। धान खरीदी सीजन शुरू होते ही जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य तो तेज़ी से चल रहा है,लेकिन साथ ही अवैध धान परिवहन, अनधिकृत भंडारण और अवैध बिक्री के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर राजस्व,खाद्य,मंडी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें लगातार जिले के विभिन्न हिस्सों में औचक निरीक्षण कर रही हैं। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न बचे और किसानों को उनके अधिकारों के अनुरूप पारदर्शी व्यवस्था मिल सके।
जिले में अब तक 102 प्रकरण दर्ज — 9,369 क्विंटल से अधिक धान जप्त
अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की त्वरित और सख्त कार्रवाई का असर साफ दिख रहा है। अब तक जिले में 102 अलग-अलग मामलों में कुल 9,369 क्विंटल से अधिक धान जप्त किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार,कई स्थानों पर व्यापारी बिना अनुमति के धान का परिवहन और भंडारण कर रहे थे,जिसे मौके पर ही सीज किया गया है।
राइस मिलों पर भी कड़ी निगरानी — 3,020 कट्टा धान अतिरिक्त स्टॉक पकड़ा
आज खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने पिथौरा स्थित रियांश राइस मिल राजाडेरा में बड़ी कार्रवाई की। स्टॉक सत्यापन के दौरान मिल में घोषित स्टॉक से 3,020 कट्टा धान अधिक पाया गया।
खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि यह अतिरिक्त स्टॉक कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 का स्पष्ट उल्लंघन है,जिसके तहत धान को मौके पर ही जप्त कर कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
उन्होंने बताया कि राइस मिलों में स्टॉक वेरिफिकेशन का काम लगातार जारी रहेगा ताकि किसी भी तरह की अनियमितता का समय पर पता लगाया जा सके। प्रशासन इस बात पर विशेष जोर दे रहा है कि कस्टम मिलिंग से जुड़े प्रावधानों का हर हाल में पालन हो।
अवैध परिवहन पर कड़ी कार्रवाई — कई वाहनों से धान जब्त
संयुक्त जांच टीम ने बागबाहरा क्षेत्र में अवैध रूप से धान परिवहन करते हुए 72 कट्टा धान जब्त कर थाना को सुपुर्द किया। वहीं सरायपाली क्षेत्र में अवैध परिवहन में संलिप्त एक वाहन सहित 60 कट्टा धान भी पुलिस के हवाले किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि धान खरीदी केंद्रों के आसपास और मुख्य मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी व्यक्ति किसान बनकर या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धान बेचने की कोशिश न कर सके।
खरीदी कार्य में पारदर्शिता के लिए प्रशासन का सख्त रुख
कलेक्टर श्री लंगेह ने स्पष्ट किया है कि जिले की सभी राइस मिलों में भौतिक सत्यापन नियमित रूप से होगा। यदि किसी संस्थान में घोषित स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया तो संबंधित पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता व निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी, चौकसी और औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
