शिक्षिका तिवारी का अभिनव प्रयास अब तक 4000 से अधिक बच्चों में जागरूकता और एकाग्रता की नई रोशनी

मिडब्रेन एक्टिवेशन ट्रेनिंग में छत्तीसगढ़ की नई पहचान

कवर्धा :- शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता सुधार की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की शिक्षिका विधि तिवारी ने अपने अभिनव प्रयोग मिडब्रेन एक्टिवेशन ट्रेनिंग के माध्यम से राज्य में नई पहचान बनाई है। वर्ष 2022 में शुरू हुआ यह प्रयास आज हजारों बच्चों तक पहुँच चुका है और बच्चों की एकाग्रता,स्मरण शक्ति तथा आत्मविश्वास में चमत्कारिक सुधार देखने को मिल रहा है।

शुरुआत में उन्होंने अपने ही विद्यालय के सिर्फ 10 बच्चों पर यह तकनीक लागू की थी। मात्र कुछ ही दिनों में बच्चों की सीखने की क्षमता,ध्यान केंद्रित करने की आदत और हिचकिचाहट रहित पढ़ने की शैली में स्पष्ट परिवर्तन देखने को मिला बच्चों ने आंखों पर पट्टी बांधकर रंग,आकृतियाँ और कई वस्तुएँ पहचाननी शुरू कर दीं,जिससे यह प्रयोग शिक्षण क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

इन प्रभावशाली परिणामों को देखते हुए समग्र शिक्षा विभाग ने उन्हें जिले के 10 अन्य विद्यालयों में यह प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। इन सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों ने ध्यान-अभ्यास के माध्यम से अपनी समस्याओं पर काबू पाया,साथ ही व्यवहार,आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कराई। कई शिक्षकों ने भी बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद बच्चे कक्षा में अधिक सक्रिय,जिज्ञासु और आत्मविश्वासी दिखाई देने लगे।

प्रशिक्षण की सफलता का दायरा यहीं सीमित नहीं रहा। बेमेतरा जिले में आयोजित विशेष प्रशिक्षण सत्रों में भी बच्चों में आश्चर्यजनक सुधार देखे गए। इसके पश्चात कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक ने भी विधि तिवारी को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने हेतु आमंत्रित किया,जिसमें विद्यार्थियों ने तनाव,डर और झिझक से मुक्ति पाकर नई ऊर्जा का अनुभव किया।

विधि तिवारी बताती हैं : “ध्यान को आवश्यक तो माना जाता है,लेकिन इसे सही तकनीक से करने की जानकारी बहुत कम लोगों को होती है। मैंने बच्चों के लिए इसे वैज्ञानिक और सरल तकनीकों के माध्यम से विकसित किया, ताकि वे आसानी से इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें।”

उनकी शिक्षण शैली और शोध को देखते हुए SCERT और NCERT ने इस पहल की सराहना की है। उन्हें तीन माह का पायलट प्रोजेक्ट संचालित करने का अवसर दिया गया,जिसमें उन्होंने मिडब्रेन एक्टिवेशन की ऑफलाइन प्रशिक्षण पद्धति को और अधिक संगठित व प्रभावी बनाया। इस अवधि में उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए एक व्यावहारिक मॉडल तैयार किया,जिसे भविष्य में विद्यालयों में लागू किया जा सकता है।

निरंतर उपलब्धियों और सकारात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर शिक्षिका विधि तिवारी ने इस तकनीक को एक पुस्तक के रूप में भी तैयार किया है। इस पुस्तक में उन्होंने ध्यान,मिडब्रेन एक्टिवेशन की प्रक्रिया,उसके लाभ,बच्चों की प्रगति और प्रशिक्षण की चरणबद्ध रूपरेखा को सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। वर्तमान में वे इसे जिले की शिक्षा प्रणाली में शामिल करवाने के लिए SCERT को प्रस्ताव भेज चुकी हैं।

अब तक 4000 से अधिक बच्चे जिनमें सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी, निजी संस्थानों के छात्र और विशेष प्रशिक्षण शिविरों के प्रतिभागी शामिल हैं इस विधि का प्रत्यक्ष लाभ ले चुके हैं। माता-पिता और शिक्षकों ने भी इस प्रशिक्षण को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया है।

विधि तिवारी का लक्ष्य है कि आने वाले समय में मिडब्रेन एक्टिवेशन और ध्यान प्रशिक्षण को पूरे छत्तीसगढ़ के विद्यालयों में नियमित प्रक्रिया के रूप में लागू किया जाए, ताकि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य,आत्मविश्वास और एकाग्रता को एक नई दिशा मिल सके।

वे कहती हैं “यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन और मानसिक ऊर्जा को पहचानने की क्षमता मिल जाए, तो वे न केवल अपनी पढ़ाई में श्रेष्ठता हासिल कर सकते हैं बल्कि समाज में बढ़ती मानसिक समस्याओं व आत्महत्या जैसी गंभीर स्थितियों को भी रोकने में मदद मिल सकती है।”

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