श्री शिव महापुराण कथा पर उमड़ा श्रद्धा का सागर“कल की चिंता करने वाला मूर्ख है, जीवन को अच्छे कर्मों से सार्थक बनाइए” गिरी बापू जी .
नगरी - देऊरपारा सिहावा स्थित पावन कर्णेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक गिरी बापू जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित 828वीं श्री शिव महापुराण कथा के छठवें दिवस भक्तिरस से सराबोर वातावरण देखने को मिला। कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और संपूर्ण परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
अपने प्रेरक प्रवचन में गिरी बापू जी महाराज ने कहा कि “जो व्यक्ति केवल कल की चिंता करता है, वह मूर्ख है। जीवन मिला है तो उसे अच्छे कर्मों और समाज के लिए उपयोगी कार्यों के साथ जीकर जाना चाहिए, ताकि मोहल्ले और समाज के लोग हमें याद रखें।”
उन्होंने कहा कि एक महादेव की सच्चे मन से पूजा करने से समस्त देवताओं की आराधना का फल प्राप्त होता है, क्योंकि शिव ही आदि, जीव और अंत हैं।
कथावाचक ने कलियुग के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस युग में कर्म के अनुसार तुरंत फल प्राप्त होता है। उन्होंने भगवान शिव और माता लक्ष्मी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि माता लक्ष्मी ने भगवान शिव से स्थिर भक्ति का वरदान मांगा था, क्योंकि स्थिर भक्ति से ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
व्यास जी के वचनों का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों के साथ कभी कपट नहीं करना चाहिए।
नवयुवाओं को संबोधित करते हुए गिरी बापू जी ने कहा कि “यदि दुनिया को जीतना है तो सुबह की नींद का त्याग करना होगा। इतिहास साक्षी है कि जिसने भी संसार में श्रेष्ठता प्राप्त की, उसने 18 से 20 घंटे तक परिश्रम किया। जगत में सब कुछ है, आवश्यकता है केवल मेहनत की।”
उन्होंने श्रद्धालुओं को यह भी कहा कि दर्शन के समय अंत की पंक्ति में यह प्रार्थना अवश्य करें—“हे भगवान, हमारी निर्धनता को दूर करें।”
कथा के श्रवण हेतु पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष नेहरू निषाद, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैश, पूर्व विधायक श्रवण मरकाम, प्रदेश महिला मोर्चा सह प्रभारी प्रेमलता नागवंशी, वरिष्ठ नेता रवि दुबे, मोहन नाहटा, विकल गुप्ता, पूर्व जनपद अध्यक्ष दिनेश्वरी नेताम,कमल डागा, प्रीतिमा देवगन,उमा शंकर नागवंशी,सरपंच नरसिंग मरकाम,नागेंद्र बोर्झा राजेश तिवारी, राजेश गोसाई, रायसर, गोकुल देवगन,सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वहीं पंडाल के बाहर भी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ देखी गई। कथा का रसपान करने हेतु छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में आचार्य लक्ष्मी नारायण वैष्णव, वैदिक आचार्य नारायण प्रसाद पाठक, वैदिक आचार्य हुपेश पाठक, शिव भक्त मिथिलेश केसरवानी, प्रेरणा संत मुकेश बाबा जी , भानु साहू,सहित आयोजन समिति एवं सिहावा-नगरी क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
