परीक्षा सत्र में नियमित कक्षाओं की मांग को लेकर AIDSO ने कुलपति के नाम सौंपा ज्ञापन


बिलासपुर :- छात्र हितों को लेकर सक्रिय छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) की बिलासपुर जिला कमेटी ने विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए परीक्षाओं के दौरान भी महाविद्यालयों में नियमित कक्षाएं संचालित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि नई शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद से उच्च शिक्षा संस्थानों में सेमेस्टर प्रणाली के अंतर्गत परीक्षा संबंधी गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रत्येक छह माह में दो आंतरिक परीक्षाएं,असाइनमेंट,पीपीटी प्रेजेंटेशन,प्रायोगिक परीक्षाएं तथा अन्य मूल्यांकन प्रक्रियाएं आयोजित की जाती हैं। इसके पश्चात मुख्य सेमेस्टर परीक्षा आयोजित होती है। इस पूरी प्रक्रिया के चलते विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन एवं विषयों की गहराई से तैयारी के लिए अपेक्षित समय नहीं मिल पा रहा है।

जिला सचिव सूरज साहू ने कहा कि जनवरी माह में यूजी एवं पीजी के विद्यार्थियों की परीक्षाएं संपन्न हुई हैं,वहीं मार्च के द्वितीय सप्ताह से अंतिम वर्ष की वार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। लगातार परीक्षा कार्यक्रमों के कारण कई महाविद्यालयों में कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा अवधि में भी संतुलित समय-सारणी बनाकर कक्षाएं संचालित की जाएं तो छात्रों की शैक्षणिक निरंतरता बनी रहेगी और परिणामों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

संगठन ने मांग की है कि महाविद्यालय प्रशासन परीक्षा एवं कक्षा संचालन के बीच समन्वय स्थापित करते हुए स्पष्ट एवं पारदर्शी समय-सारणी जारी करे। साथ ही यूजी और पीजी के प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएं, ताकि विद्यार्थी आगामी सत्र की तैयारी योजनाबद्ध ढंग से कर सकें। परिणामों में अनावश्यक विलंब से छात्रों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न होती है,जो उनके शैक्षणिक एवं मानसिक संतुलन को प्रभावित करता है।

AIDSO ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इस विषय पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए सभी संबद्ध महाविद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए,जिससे कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हों और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो छात्रहित में आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे और छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की मांग दोहराई।

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