लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन को कांग्रेस का खुला समर्थन,90वें दिन धरना स्थल पहुंचे जिलाध्यक्ष
19 फरवरी को कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा,प्रदेश के वरिष्ठ नेता होंगे शामिल
बिलासपुर :- लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के 90वें दिन आंदोलन को उस समय नई ऊर्जा मिली,जब जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों,विशेष रूप से पिछले तीन महीनों से निरंतर धरने पर बैठी महिलाओं को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस गरीबों,किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ती आई है और आगे भी पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी।
महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि लिंगियाडीह में गरीब परिवारों के मकानों को तोड़े जाने की कार्रवाई पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर मनरेगा जैसी योजनाओं के माध्यम से मिलने वाले रोजगार के अवसरों को कमजोर कर रही है,वहीं दूसरी ओर गरीबों के सिर से छत भी छीनी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस किसी भी हाल में गरीबों का आशियाना उजड़ने नहीं देगी।
उन्होंने जानकारी दी कि “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत कांग्रेस द्वारा 19 फरवरी को जिला स्तरीय आंदोलन आयोजित किया जाएगा,जिसके अंतर्गत कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। पहले 18 फरवरी को प्रस्तावित यह कार्यक्रम स्थगित किया गया था,जिसे अब 19 फरवरी को सुबह 11 बजे नेहरू चौक से प्रारंभ किया जाएगा। इस आंदोलन में लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के आंदोलनकारी भी बड़ी संख्या में शामिल होकर समर्थन देंगे।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि इस महत्वपूर्ण आंदोलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज,नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरण दास महंत,राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र यादव सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और जिलेभर के कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल लिंगियाडीह तक सीमित नहीं है,बल्कि पूरे प्रदेश में गरीबों और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा का प्रतीक बन चुका है।
महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि नगर निगम की सामान्य सभा में जब लिंगियाडीह का मुद्दा उठाया गया,तब कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने चक्का जाम कर विरोध दर्ज कराया था। इस दौरान सिविल लाइन पुलिस द्वारा कांग्रेस जनों पर मामला दर्ज किया गया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्य और न्याय की लड़ाई लड़ रही है और यदि इसके लिए संघर्ष करना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेगी।
धरना स्थल पर मौजूद दिलीप पाटिल ने बताया कि लिंगियाडीह को बचाने के लिए महिलाएं लगातार 90 दिनों से धरने पर बैठी हैं। उन्होंने कहा कि बेलतरा क्षेत्र में चल रहा यह आंदोलन प्रदेश का पहला ऐसा बड़ा जनआंदोलन है,जिसमें गरीब परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए महिलाएं अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं। उन्होंने इसे सामाजिक चेतना और एकजुटता का प्रतीक बताया। धरने पर बैठी महिलाओं ने भी अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों के भविष्य और अपने आशियाने की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए और गरीब परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था एवं कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में 19 फरवरी को आयोजित कलेक्ट्रेट घेराव में शामिल होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल एक बस्ती का नहीं,बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संघर्ष है। आंदोलन स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं,स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की उपस्थिति से माहौल पूरी तरह आंदोलनात्मक रहा। नारेबाजी के बीच नेताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक गरीबों को न्याय नहीं मिलेगा,तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

