छिपली तालाब गहरीकरण कार्य, जेसीबी से वही मिट्टी गांव से बाहर मिट्टी ले जा रहे ..

नगरी - नगरी विकासखंड से कुछ दूरी पर स्थित ग्राम छिपली में इन दिनों तालाब गहरीकरण का कार्य जारी है। पंचायत स्तर पर संचालित इस कार्य के अंतर्गत जेसीबी मशीन के माध्यम से तालाब की खुदाई कर बड़ी मात्रा में मिट्टी निकाली जा रही है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं और सवाल उठने लगे हैं।

जिसमे वही मौजूद ट्रैक्टर चालक से पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि तालाब से निकाली गई मिट्टी को नगरी नगर की ओर ले जाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, जब तालाब की मेढ़ (पाल) का निरीक्षण किया गया तो कई स्थानों पर वह सपाट एवं कमजोर स्थिति में दिखाई दी, जहां मिट्टी की स्पष्ट आवश्यकता महसूस की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निकाली गई मिट्टी का उपयोग तालाब की मेढ़ को सुदृढ़ करने में किया जाए, तो इससे तालाब की संरचना मजबूत होगी तथा आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
कुछ ग्रामीणों ने कहा है कि तालाब परिसर में उपयोग करने के बजाय मिट्टी को एक व्यक्ति विशेष के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है। इससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का मत है कि शासकीय कार्यों में निकाली गई सामग्री का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर जनहित में ही किया जाना चाहिए।
ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निकाली गई मिट्टी का उपयोग नियमानुसार तालाब की मेढ़ सुदृढ़ीकरण एवं अन्य आवश्यक जनहित कार्यों में सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि गहरीकरण कार्य में मशीनों के बजाय मनरेगा अथवा अन्य रोजगार योजनाओं के तहत अधिक से अधिक ग्रामीणों को मजदूरी का अवसर प्रदान किया जाए, ताकि गांव के गरीब परिवारों को रोजगार मिल सके और शासकीय राशि एवं संसाधनों का समुचित उपयोग हो।फिलहाल पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में चर्चा का माहौल बना हुआ है

इस संबंध में जब सरपंच से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि पंचायत की सहमति से ही मिट्टी बाहर ले जाने की अनुमति दी गई है। मिट्टी निकालने वाले तालाब के मेड को बनाकर देने की बात कही है
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