कमिश्नरेट रायपुर में डीसीपी न्यायालय की शुरुआत,कानून-व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
आदतन अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण एवं त्वरित न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में बड़ा कदम
रायपुर :- रायपुर पुलिस के कमिश्नरेट क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के पश्चात कार्यपालिक न्यायिक प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं त्वरित बनाने के उद्देश्य से 16 फरवरी से एसीपी न्यायालय की कार्यवाही प्रारंभ की जा चुकी है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज डीसीपी सेंट्रल(मध्य जोन)उमेश गुप्ता द्वारा अपने न्यायालयीन कार्यों का विधिवत शुभारंभ किया गया।
डीसीपी न्यायालय में थाना मौदहापारा द्वारा धारा 129 बीएनएसएस(पूर्व में धारा 110 सीआरपीसी)के अंतर्गत प्रस्तुत इस्तगासा प्रकरण पर सुनवाई की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी महोदय द्वारा संबंधित अनावेदक को विधिसम्मत नोटिस जारी किया गया तथा न्यायालयीन प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्था में तेजी आई है। अब कार्यपालिक न्यायालयों के माध्यम से आदतन अपराधियों,असामाजिक तत्वों एवं शांति भंग करने की आशंका वाले व्यक्तियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। इससे न केवल अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी,बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी सुदृढ़ होगी।
डीसीपी कोर्ट के संचालन से न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित होंगे। इससे पुलिस प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अधिक अधिकार एवं सशक्त माध्यम प्राप्त होगा। विशेष रूप से धारा 129 बीएनएसएस के तहत की जाने वाली कार्यवाही से उन व्यक्तियों पर नियंत्रण संभव होगा, जिनकी गतिविधियाँ समाज में शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से अपराधों की रोकथाम,पुनरावृत्ति पर नियंत्रण तथा क्षेत्र में अनुशासन स्थापित करने में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। न्यायालयीन कार्यवाही नियमित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित की जाएगी, जिससे जनसामान्य को शीघ्र न्यायिक प्रक्रिया का लाभ मिल सके।
कमिश्नरेट रायपुर द्वारा उठाया गया यह कदम कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा तथा शहर में शांति,सुरक्षा एवं सुव्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

