नगरी – धमतरी वनमंडल में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 133 प्रशिक्षु अधिकारियों का फील्ड प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 से 15 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया, जिसके अंतर्गत प्रशिक्षु अधिकारियों ने वन प्रबंधन, मृदा एवं जल संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों का चार दिवसीय फील्ड अध्ययन किया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को धमतरी वनमंडल के विभिन्न वन क्षेत्रों में ले जाकर व्यावहारिक जानकारी दी गई। 9 मार्च को दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के पम्पारनाला में तथा 11 एवं 12 मार्च को दुगली परिक्षेत्र के कांसानाला, लकलकीनाला, कुसुमपानी नाला और साजापानी नाला में फील्ड प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यहां अधिकारियों को भू-जल संरक्षण तथा वाटरशेड प्रबंधन से संबंधित कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन 14 मार्च को नगरी उत्पादन परिक्षेत्र के कूप एससीआई भैसामुड़ा और मटियाबाहरा तथा बिरगुड़ी उत्पादन परिक्षेत्र के कूप एससीआई नेगीनाला में कूप विदोहन (टिंबर हार्वेस्टिंग) से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से वृक्षों का चिह्नांकन, कूप का सीमांकन, मार्किंग एवं पातन (कटाई) की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि कटाई के दौरान अन्य वृक्षों को न्यूनतम क्षति पहुंचाते हुए इमारती लकड़ी, लट्ठा एवं बल्ली तैयार की जाती है, जिसे ‘लगुण’ कहा जाता है। इसके पश्चात प्राप्त इमारती काष्ठ का ई-ऑक्शन के माध्यम से विक्रय कर शासन को राजस्व प्राप्त होता है।
फील्ड प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने वन धन विकास केंद्र दुगली का भी अवलोकन किया। यहां हर्रा, बहेड़ा, त्रिफला, अश्वगंधा, कालमेघ, तिखुर और एलोवेरा जैसी लघु वनोपज से तैयार विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी गई। इस केंद्र का संचालन माँ बम्लेश्वरी एवं जागृति बालिका स्व सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जो आयुष, कॉस्मेटिक तथा खाद्य उत्पादों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वनमंडल धमतरी के डीएफओ श्री श्रीकृष्ण जाधव ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वन प्रबंधन, तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ लघु वनोपज प्रसंस्करण की विस्तृत जानकारी दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त श्री मणिवासगन एस., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला सहित विभिन्न वनमंडलों के डीएफओ गणवीर धम्मशील, आयुष जैन, दिनेश कुमार पटेल, रौनक गोयल, दिपेश कपिल और अभिषेक अग्रवाल का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
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