नगरी – नगरी अंचल में जर्दा पाउच खुलेआम बेचे जा रहे हैं, लेकिन अब तक संबंधित विभाग द्वारा एक भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

नगरी - नगरी विकासखंड के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में गुटखा एवं अन्य तंबाकू उत्पादों की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर छोटे व्यापारियों में असंतोष की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि थोक स्तर पर अलग-अलग दरों पर माल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खुदरा बाजार में असमान मूल्य की स्थिति बन रही है।
कुछ व्यापारियों का कहना है कि निर्धारित मुद्रित मूल्य (एमआरपी) के आसपास या उससे अधिक दर पर माल दिया जा रहा है। दुकानदारों के अनुसार, “माल महंगे दाम पर मिलने से हमें भी उसी अनुपात में बेचना पड़ रहा है, जिससे ग्राहकों के साथ अनावश्यक बहस हो जाती है और हमारी साख प्रभावित होती है।”

मूल्य सूची की जांच की मांग छोटे व्यापारियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि थोक विक्रेताओं की मूल्य सूची एवं आपूर्ति प्रक्रिया की जांच कर बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि सभी दुकानों को एक समान दर पर सामग्री उपलब्ध कराई जाए तो अनावश्यक भ्रम और विवाद की स्थिति समाप्त हो सकती है।
कोटपा एक्ट के पालन पर भी सवाल
इसी दौरान क्षेत्र में चल रहे अभियान के बीच सिगरेट एवं गुटका (कोटपा एक्ट 2003) के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा सामने आई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूलों, आंगनबाड़ियों और सार्वजनिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नियमों के उल्लंघन पर संबंधित दुकानदारों को चेतावनी दी गई है तथा भविष्य में सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। साथ ही दुकानदारों को वैधानिक चेतावनी बोर्ड प्रदर्शित करने और 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पाद न बेचने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू सेवन शरीर के लगभग हर अंग पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इससे मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर सहित हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। दंत एवं मसूड़ों की समस्याएं भी आम हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर इसका विशेष रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रशासन से अपेक्षा स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने मांग की है कि मूल्य नियंत्रण एवं तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी पालन हेतु नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जाए, ताकि बाजार व्यवस्था संतुलित रहे और आम जनता व छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके।
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