मेचका सोढूर में 11 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह वैदिक रीति से संपन्न,महेश फाउंडेशन के द्वारा सहराहनी पल

नगरी - नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मेचका (सोढूर) में 28 फरवरी को मेचका सोढूर
ईको पार्क के सामने स्थित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा, शिवलिंग एवं नंदी जी के पावन सान्निध्य में 11 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। विवाह के दौरान रस्म में जितने भी वर पक्ष को सहयोग समाग्री प्रदान उतना प्रदान किया गया है एवं सामाजिक आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।

यह आयोजन हितेश महेश फाउंडेशन के तत्वावधान में संस्थापक हितेश महेश सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वेदी पूजन, रुद्राभिषेक एवं रुद्र चंडी यज्ञ से हुआ। आचार्यों एवं पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण तीन दिनों तक भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना रहा। श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संपन्न इन धार्मिक अनुष्ठानों ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की।
जिसमे शनिवार को 11 जोड़ी वर-वधू का विवाह विधि-विधान से कराया गया। साथ वर कन्या को गृहिणी जीवन की समान भेंट किया गया साथ समाजसेवा की भावना से प्रेरित इस पहल ने न केवल निर्धन परिवारों की बेटियों को नया जीवन दिया, बल्कि सामाजिक समरसता और सहयोग का प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। विवाह समारोह भगवान शिव की भव्य प्रतिमा एवं शिवलिंग के समक्ष आयोजित होने से कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ गया।
विवाह में सम्मिलित नवदंपतियों ने फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह जैसी पहल गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है।
ग्राम पंचायत मेचका के सरपंच जीवन नाग ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह गरीब परिवारों के लिए अत्यंत सराहनीय पहल है। गांव में भगवान भोलेनाथ की भव्य मूर्ति स्थापना एवं इस तरह का आयोजन क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
संस्थापक हितेश महेश सिन्हा ने बताया कि यह उनके स्वर्गीय पिता की सोच और सपना था, जिसे साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुचुकुंद ऋषि आश्रम पहाड़ की पवित्र भूमि पर 11 जोड़ों का विवाह संपन्न कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया गया है और भविष्य में भी निर्धन परिवारों के सहयोग हेतु ऐसे आयोजन निरंतर किए जाएंगे।
कार्यक्रम का समापन संध्याकालीन भजन संध्या के साथ हुआ, जिसमें भक्तिमय प्रस्तुति से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। यह आयोजन धर्म, संस्कृति और समाजसेवा के त्रिवेणी संगम के रूप में क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर गया।
वही कार्यक्रम में आसपास क्षेत्र के गांव के महिला पुरुष बड़ी संख्या में सहयोग प्रदान करते दिखाई दिए आज भोले नाथ जी प्रणाम प्रतिष्ठा किया जाना है 
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