लाखों की लागत से बने स्टॉप डेम दूसरी बारिश में क्षतिग्रस्त, वन्यजीवों के लिए जल संकट गहराया स्टॉप डेम पर आज दो साल में पानी रोकने के लिए गेट नहीं लगाएं विभाग द्वारा

नगरी - लाखों की लागत से बने स्टॉप डेम दूसरी बारिश में क्षतिग्रस्त, वन्यजीवों के लिए जल संकट गहराया
स्टॉप डेम पर आज दो साल में पानी रोकने के लिए गेट नहीं लगाएं विभाग द्वारा 
मरम्मत के बाद भी स्थिति जस की तस, पानी की तलाश में गांवों की ओर बढ़ रहे जंगली जानवर

दो साल बाद पुनः मरमत किया जा रहा साथ देखने से लग रहा गुणवत्ता हीन निर्माण हो रहा 
फोटो -
नगरी - धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के जंगल क्षेत्रों में वन्यजीवों को गर्मी के दौरान पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए स्टॉप डेम पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन जल संरचनाओं पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद उनके जल्दी खराब होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं जंगलों में पानी की कमी के कारण वन्यजीवों के गांवों की ओर आने की आशंका भी बढ़ती दिखाई दे रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरी रेंज अंतर्गत गजकन्हार के जंगल क्षेत्र में पिछले 2 वर्ष गर्मियों के दौरान वन्यजीवों के लिए पानी रोकने के उद्देश्य से स्टॉप डेम का निर्माण कराया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार पहली ही बारिश में डेम का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे पानी का बहाव रुक नहीं पाया। बताया जाता है कि निर्माण के दौरान पानी रोकने के लिए आवश्यक गेट भी नहीं लगाया गया था, जिसके कारण संरचना प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाई। बाद में विभाग द्वारा अस्थायी रूप से मिट्टी भरकर मरम्मत की गई, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

इसी प्रकार नगरी मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम गजकन्हार के जंगल क्षेत्र (बीट क्रमांक 273) एवं आप पास में बने एक अन्य स्टॉप डेम की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। बारिश के दौरान डेम के किनारों की मिट्टी बह जाने से उसकी संरचना कमजोर हो गई थी। विभाग द्वारा बाद में मिट्टी भरकर मरम्मत का प्रयास किया गया, किंतु स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उपाय स्थायी नहीं है और अगली बारिश में फिर नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में पर्याप्त जल स्रोत नहीं होने से वन्यजीव पानी की तलाश में गांवों के आसपास आने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है और मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ सकती है।
ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा करने तथा भविष्य में मजबूत और टिकाऊ जल संरचनाएं बनाने की मांग की है, ताकि जंगलों में वन्यजीवों के लिए स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
इस संबंध में जानकारी वन परिक्षेत्र अधिकारी नगरी से जानकारी लेने के लिए वन विभाग कार्यालय पहुंचे तब विभागीय अधिकारी वहां मौजूद नहीं थे जिसमें दुरभाष के माध्यम से जब हमने रेंजर से जानकारी मंगा तब उन्होंने ने जानकारी देने से साफ मना करते हुए कहा कार्यालय से जानकारी ले लिजिए कहा साथ कर्मचारी ने जानकारी नहीं है कहा गया

Post a Comment

0 Comments