गौमाता और नंदी महाराज के लिए विशेष भंडारे का आयोजन
बिलासपुर :- गोकुल नगर में हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर इस वर्ष एक अनोखी और प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। जहां सामान्यतः विशेष पर्वों पर आम जनता के लिए भंडारे का आयोजन किया जाता है, वहीं संगीता फाउंडेशन द्वारा गौमाता एवं नंदी महाराज के लिए विशेष भंडारे का आयोजन कर समाज के सामने सेवा और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। यह आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों ने इसकी मुक्तकंठ से सराहना की।आयोजकों ने बताया कि भारतीय संस्कृति में गौमाता को माता का दर्जा दिया गया है
और नंदी महाराज को भगवान शिव का वाहन एवं धर्म का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में हनुमान जन्मोत्सव जैसे पावन पर्व पर गौसेवा का संकल्प लेना धार्मिक,सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी भावना के साथ गोकुल नगर में भक्ति,सेवा और समर्पण के वातावरण में यह विशेष भंडारा आयोजित किया गया।भंडारे के दौरान गौमाताओं एवं नंदी महाराज के लिए हरा चारा,गुड़, चना,फल एवं पौष्टिक आहार की विशेष व्यवस्था की गई। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने स्वयं उपस्थित होकर गौसेवा में भाग लिया और सेवा कार्य में अपना सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा सभी ने सामूहिक रूप से धर्म और सेवा के इस कार्य में सहभागिता निभाई। इस पुनीत आयोजन को सफल बनाने में रितु मिश्रा,शिवानी शर्मा,उमाकान्त मिश्रा,उमेश गुरबानी,माधुरी पाण्डेय,अखिलेश सिंह,प्रतीक मिश्रा,शिखा मिश्रा,विभा गहरा,प्रशांत दुबे,आशुतोष मिश्रा,राजू महाराज,सुधीर सिंह,रितु उपाध्याय,प्रांजल केवट, रुकमणि दुबे,अर्पित दुबे,युगल ताम्रकार,रोहनी एवं प्रियंडा पाण्डेय सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
सभी ने तन,मन और धन से सहयोग कर इस आयोजन को सफल बनाया स्थानीय निवासियों ने संगीता फाउंडेशन की इस पहल को सामाजिक जागरूकता और जीवों के प्रति दया भाव का सशक्त संदेश बताया। उनका कहना था कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने भविष्य में भी इसी प्रकार के गौसेवा,सामाजिक सेवा एवं धार्मिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। हनुमान जन्मोत्सव के इस अवसर पर आयोजित यह विशेष भंडारा निश्चित ही गोकुल नगर के सामाजिक इतिहास में एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा।


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