ग्राम कैटतराई में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया समरसता दिवस, बाबा साहेब के विचारों के साथ नारी सशक्तिकरण पर हुई विस्तृत चर्चा

नगरी- सिहावा पंचायत अंतर्गत ग्राम कैटतराई में भारत रत्न, भारतीय संविधान के शिल्पकार एवं महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को समरसता दिवस के रूप में अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष रूप से भव्य और प्रेरणादायी बना दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनपद सभापति नगरी प्रेमलता नागवंशी रहीं। उन्होंने बाबा साहेब के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण में गुरु घासीदास जी के प्रतीक स्वरूप जैतखाम की आरती की गई, जिसमें उपस्थित अतिथियों एवं ग्रामीणों ने पूरे श्रद्धा भाव से सहभागिता निभाई। इस दौरान गुरु जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया गया।
अपने उद्बोधन में प्रेमलता नागवंशी ने बाबा साहेब के संघर्षमय जीवन और उनके महान योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय के सबसे बड़े पैरोकार थे। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों और उत्थान के लिए किए गए उनके प्रयासों को रेखांकित करते हुए बताया कि बाबा साहेब का स्पष्ट मानना था कि किसी भी समाज की प्रगति वहां की महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। ‘हिंदू कोड बिल’ के माध्यम से महिलाओं को संपत्ति में अधिकार और शिक्षा के अवसर प्रदान करने की उनकी पहल आज महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव बन चुकी है।
इसी क्रम में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कदम बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे भविष्य में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और देश के विकास में उनकी भूमिका और सशक्त होगी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष चित्रांश नागवंशी ने युवाओं को बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर पंच यमुना मार्कण्डेय, पंच जगत मनहरे, शिव मनहरे, भगत मनहरे, गणेश मार्कण्डेय, डॉ. छबि साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश के साथ किया गया।

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