आर्यावर्त ब्राह्मण महासभा द्वारा कावड़ यात्रियों का भव्य स्वागत,पुष्पवर्षा एवं शीतल जल वितरण कर दिखाई सेवा भावना
बिलासपुर :- सावन माह की पावन बेला में भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन कावड़ यात्रियों का स्वागत करने आर्यावर्त ब्राह्मण महासभा ने सेवा,समर्पण और संस्कार का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। दयालबंद स्थित चतुर्वेदी कॉम्प्लेक्स के सामने महासभा द्वारा यात्रा में सम्मिलित श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके साथ ही यात्रियों को शीतल पेयजल एवं फ्रूटी वितरित की गई, जिससे गर्मी और थकान से राहत मिल सके। इस पुनीत अवसर पर पूरे वातावरण में भक्तिभाव की सरिता प्रवाहित हो गई। “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोषों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति का तेज और महासभा के कार्यकर्ताओं के सेवा भाव ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से आर्यावर्त ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं प्रदेश प्रभारी रेखेन्द्र तिवारी, महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती शोभा त्रिपाठी,महिला प्रकोष्ठ बिलासपुर जिला अध्यक्ष श्रीमती दिव्या चतुर्वेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार द्विवेदी,जिलाध्यक्ष श्यामसुन्दर तिवारी, जिला महासचिव सुबोध शुक्ला,वरिष्ठ सदस्य शलभ चतुर्वेदी,आर्यवीर चतुर्वेदी, अक्षत तिवारी, इस्कॉन सेवा समिति से हरीश ठरवानी, महिला इकाई सचिव दीपा पाण्डेय, मीडिया प्रभारी सूर्यप्रभा बुलुसु, सह-मीडिया प्रभारी पद्मजा बुलुसु, कार्यक्रम संचालक सीमा दुबे, सह-सचिव सरला शर्मा, एवं श्रीमती विमलेश तिवारी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के संचालन के दौरान महासभा के सदस्यों ने यात्रियों के पैरों में जल छिड़ककर और फूल अर्पित कर उनका सम्मान किया। महिला प्रकोष्ठ की ओर से विशेष तौर पर श्रद्धालु महिलाओं के लिए अलग से छाया और जल की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और महासभा के इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। सेवा भाव से ओतप्रोत इस आयोजन ने सामाजिक समरसता और धार्मिक श्रद्धा का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि —"कावड़ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक मूल्यों और सेवा भावना का सजीव उदाहरण है। आर्यावर्त ब्राह्मण महासभा का उद्देश्य न केवल सनातन परंपरा का संरक्षण है, बल्कि समाज में सौहार्द, सहयोग और संस्कार को भी बढ़ावा देना है। आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।"
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम से न केवल यात्रियों को राहत मिली, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और सहभागिता की भावना भी प्रबल हुई l



