महिला सशक्तिकरण को समर्पित चार दिवसीय ब्यूटी पार्लर एवं केक मेकिंग प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन


शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिमितरी,बिलासपुर

बिलासपुर :- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिमितरी में वोकेशनल ट्रेनिंग के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावशाली कदम उठाते हुए चार दिवसीय ब्यूटी पार्लर एवं केक मेकिंग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन रोटरी भवन में सम्पन्न हुआ,जिसमें बालिकाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

इस शिविर का नेतृत्व शहर की प्रसिद्ध ब्यूटी एक्सपर्ट एवं रोटेरियन श्रीमती सुधा शर्मा ने किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बालिकाओं को ब्यूटी पार्लर संचालन से संबंधित विविध पहलुओं से अवगत कराया। विशेष रूप से दुल्हन श्रृंगार की बारीकियों,त्वचा की देखभाल,हेयर स्टाइलिंग,मेकअप तकनीक,एवं आत्म-प्रस्तुति के गुर सिखाए गए। छात्राओं ने स्वयं एक-दूसरे पर अभ्यास कर ब्यूटी से संबंधित वास्तविक अनुभव प्राप्त किए, जिससे उनमें आत्मविश्वास का संचार हुआ। साथ ही,उन्होंने सजने-संवरने में उपयोग होने वाले सौंदर्य प्रसाधनों के सुरक्षित उपयोग और उनके दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया। केक मेकिंग का प्रशिक्षण श्रीमती प्रीति गोरे द्वारा प्रदान किया गया,जिनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने केक बनाने की मूलभूत विधियाँ,बेकिंग टूल्स का परिचय,सामग्री की सही मात्रा,फ्लेवरिंग,बेकिंग के नियम,और आइसिंग के विभिन्न तरीकों को सीखा। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने व्यावहारिक रूप से विभिन्न आकार और प्रकार के आकर्षक केक तैयार किए,जिससे उनमें रचनात्मकता एवं व्यावसायिक दक्षता का विकास हुआ।


शिविर में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में उच्च जीवन प्रशिक्षण संस्थान,रुड़की(उत्तराखंड)से सुश्री अनिता सैनी ने भाग लिया। उन्होंने छात्राओं को "My Better Life Diary" नामक नवाचार के माध्यम से आत्ममूल्यांकन,समय प्रबंधन,सकारात्मक सोच,लक्ष्य निर्धारण और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि यह डायरी विद्यार्थियों को अपने भावनात्मक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए एक सहायक उपकरण सिद्ध होगी।

शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सिरगिट्टी थाना की सब-इंस्पेक्टर श्रीमती संतोषी अग्रवाल उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए और कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम लड़कियों को न केवल आत्मनिर्भर बनाते हैं,बल्कि उन्हें रोजगारोन्मुख कौशल भी प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं को भविष्य में स्वरोजगार शुरू करने हेतु प्रेरित किया और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य करने का संदेश दिया। शिविर की विशेष बात यह रही कि समापन अवसर पर सभी 30 प्रतिभागियों ने पारंपरिक एवं आधुनिक परिधानों में रैंप वॉक कर अपने आत्मविश्वास,प्रतिभा और सीख का सुंदर प्रदर्शन किया। छात्राओं के आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुति ने सभी उपस्थित अतिथियों,शिक्षकों और अभिभावकों को प्रभावित किया।


कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिका के द्वारा अत्यंत कुशलता से किया गया। अंत में विद्यालय प्रबंधन एवं आयोजन समिति ने सभी प्रशिक्षकों,अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस प्रकार के कार्यक्रमों को भविष्य में भी आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।यह प्रशिक्षण शिविर न केवल छात्राओं के लिए एक शैक्षणिक अनुभव रहा,बल्कि उनके जीवन में आत्मनिर्भरता,आत्मविश्वास और प्रेरणा का स्रोत भी बना। इस प्रयास से यह स्पष्ट है कि यदि सही मार्गदर्शन और मंच मिले,तो ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्र की बालिकाएँ भी न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं,बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत भी सिद्ध हो सकती हैं।

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