35 आदिवासी ग्रामों में स्थापित होंगे सेवा केन्द्र,22 हजार से अधिक जनजातीय नागरिक होंगे लाभान्वित


मुंगेली :- जिले में आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एक नई और महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत हुई है। मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए बताया कि जिले में ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को आदिवासी समाज तक प्रभावी रूप से पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

कलेक्टर कुमार ने बताया कि मुंगेली आदिम जाति कल्याण विभाग के तहत इस अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के विकास एवं कल्याण से जुड़ी योजनाओं की पूर्ण संतृप्ति सुनिश्चित करना है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘सबका साथ,सबका विकास, सबका विश्वास,सबका प्रयास’’ के मूलमंत्र तथा सेवा,समर्पण और संकल्प की भावना से प्रेरित है।

इस अभियान के अंतर्गत जिले के तीनों विकासखंडों के 35 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 1-1 ‘‘आदि सेवा केन्द्र’’ स्थापित किए जाएंगे। इन केन्द्रों के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं,जैसे शिक्षा,स्वास्थ्य,रोजगार,कौशल विकास,आवास,पोषण,पेयजल और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी और लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया जाएगा।

कलेक्टर कुमार ने बताया कि इस अभियान से लगभग 5,498 परिवारों के 22,890 से अधिक जनजातीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ के माध्यम से आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी समस्याओं का समाधान करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि केन्द्र शासन के निर्देशानुसार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए जिला प्रशासन सतत प्रयासरत रहेगा। प्रत्येक सेवा केन्द्र पर प्रशिक्षित कर्मयोगी नियुक्त किए जाएंगे जो ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मार्गदर्शन करेंगे। साथ ही,समय-समय पर विशेष शिविरों और जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।

इस अवसर पर कलेक्टर ने यह भी कहा कि यह अभियान आदिवासी अंचल के आर्थिक,सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम बनेगा। आने वाले समय में इन सेवा केन्द्रों के जरिये न केवल शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा बल्कि आदिवासी संस्कृति के संरक्षण,आजीविका संवर्धन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी विशेष पहल की जाएगी।

जिला प्रशासन का मानना है कि ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ से आदिवासी क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और समाज के अंतिम पायदान तक बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाएं पहुंचेंगी। यह पहल न केवल मुंगेली बल्कि पूरे प्रदेश में आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सकती है।

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