एसईसीएल एवं आयकर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कर्मचारियों को आयकर प्रावधानों,रिफंड नियमों एवं आईटीआर दाखिल करने की मिली विस्तृत जानकारी
बिलासपुर :- दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड(एसईसीएल) मुख्यालय,बिलासपुर में आज एक विशेष जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन आयकर विभाग(अन्वेषण प्रकोष्ठ)बिलासपुर एवं एसईसीएल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में संपन्न हुआ,जिसमें एसईसीएल मुख्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे,वहीं विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और लाइव लिंक के माध्यम से जोड़ा गया।
आयकर विभाग की ओर से सहायक निदेशक रंजन मोहंती एवं सहायक निदेशक प्रकाश चौहान अपनी टीम सहित उपस्थित हुए। उन्होंने कर्मचारियों से संवाद करते हुए आयकर अधिनियम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों,विशेषकर रिफंड नियमों और आईटीआर दाखिल करने से संबंधित बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
विभागीय अधिकारियों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से प्रतिभागियों को आयकर संबंधी प्रक्रियाओं और सावधानियों की जानकारी दी। कर्मचारियों को यह समझाया गया कि गलत कटौती का दावा करना या फर्जी रिफंड लेने का प्रयास न केवल दंडनीय अपराध है बल्कि इससे व्यक्ति की साख और कर अनुपालन रिकॉर्ड पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे मामलों में धोखेबाज एजेंट अक्सर कर्मचारियों को गुमराह कर लाभ कमाने की कोशिश करते हैं,अतः सभी को सतर्क रहना चाहिए।
इसके साथ ही अधिकारियों ने आयकर रिटर्न अपडेट(आईटीआर-यू/ITR-U)के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यदि किसी करदाता से रिटर्न दाखिल करने में त्रुटि हो गई है,तो उसे निर्धारित समयसीमा में आईटीआर-यू दाखिल कर सुधार का अवसर मिलता है। इस प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी और इसके लाभ प्रतिभागियों को बताये गये।
कार्यक्रम में उपस्थित एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कर्मचारियों को प्रेरित किया कि वे आयकर संबंधी नियमों का पूर्णतः पालन करें और अपनी वित्तीय गतिविधियों को पारदर्शी रखें। उनका मानना था कि इस प्रकार के कार्यक्रम कर्मचारियों को जागरूक बनाने के साथ-साथ संगठन के भीतर ईमानदारी,पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन की संस्कृति को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले कर्मचारियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समय-समय पर होने चाहिए ताकि जटिल कर नियमों की सही जानकारी मिल सके और सभी कर्मचारी वित्तीय अनुशासन के साथ कर अनुपालन कर सकें। यह जागरूकता कार्यक्रम एसईसीएल और आयकर विभाग की साझा पहल का उत्तम उदाहरण है,जिसने न केवल कर्मचारियों को कर नियमों की जानकारी दी बल्कि उन्हें कर अनुपालन और वित्तीय सतर्कता की दिशा में जागरूक एवं प्रेरित भी किया।


