भक्ति और उल्लास से सम्पन्न हुआ विश्वकर्मा पूजा,आशा कौशिक की भक्ति प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र



कुम्हारी में हुआ यादगार आयोजन,श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही :- ग्राम पंचायत कुम्हारी स्थित मां नागेश्वरी मंदिर प्रांगण में इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से सम्पन्न हुई। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटने लगे और देर शाम तक भक्ति और सांस्कृतिक माहौल बना रहा। मां नागेश्वरी राज मिस्त्री मजदूर कल्याण समिति,कुम्हारी मरवाही के तत्वावधान में आयोजित इस वार्षिक उत्सव में नगरवासियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी निभाई।

समिति ने निभाई अहम भूमिका पूरे आयोजन की कमान समिति ने बखूबी संभाली। अध्यक्ष राजेश यादव के नेतृत्व में संरक्षक पुरुषोत्तम रजक,उपाध्यक्ष आनंद सिंह व सतीश रजक,कोषाध्यक्ष लखन लहरें,उपकोषाध्यक्ष अंकुश रजक,सचिव बोधन सिंह मार्को और उपसचिव धन सिंह ने मिलकर व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस दौरान पार्किंग,प्रसाद वितरण,मंच संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया।

विधिवत पूजा-अर्चना कार्यक्रम का प्रारंभ मंगल कलश स्थापना और वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ। वेदाचार्य पंडित रघुनाथ प्रसाद शास्त्री,दिवाकर प्रसाद शास्त्री और मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक शर्मा ने विधि-विधान के साथ भगवान विश्वकर्मा का पूजन कराया। श्रद्धालुओं ने धूप-दीप और पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। वातावरण में हर ओर जयकारे गूंजते रहे और घंटियों की ध्वनि से पूरा मंदिर प्रांगण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।

आशा कौशिक ने बांधा समा सांध्यकालीन भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायिका आशा कौशिक ने अपनी सुरीली आवाज से माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनके भजनों पर श्रोता झूम उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गूंज उठा। ‘‘जय विश्वकर्मा’’ और ‘‘हर-हर महादेव’’ के जयकारों ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। श्रद्धालुओं ने बताया कि आशा कौशिक की प्रस्तुति इस आयोजन का सबसे खास आकर्षण रही।

श्रद्धालुओं का उत्साह नगरवासियों ने बढ़-चढ़कर इस आयोजन में भाग लिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें मंदिर तक लगी रहीं। महिलाएँ पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर आईं,वहीं बच्चों और युवाओं ने भी पूरे उत्साह से सहभागिता निभाई। पूजन-अर्चन के बाद प्रसाद वितरण हुआ जिसमें हर उम्र के लोग शामिल रहे। प्रसाद ग्रहण करने के बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।

सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व समिति ने बताया कि विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक एकता और श्रमिकों के सम्मान का प्रतीक भी है। यह पर्व समाज के उन हाथों को नमन करता है जो निर्माण और सृजन का कार्य करते हैं। आयोजन में वक्ताओं ने भी कहा कि ऐसे पर्व समाज को जोड़ते हैं और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का अवसर देते हैं।

समिति ने जताया आभार मां नागेश्वरी राज मिस्त्री मजदूर कल्याण समिति ने आयोजन में शामिल सभी श्रद्धालुओं,सहयोगियों और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का कार्य जारी रहेगा।
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