साहू समाज बंसुला परिक्षेत्र में उमेश साव बने अध्यक्ष, प्रचंड बहुमत से मिली जीत, समाज में जश्न का माहौल


बसना। महासमुंद जिले के बंसुला परिक्षेत्र साहू संघ का बहुप्रतीक्षित चुनाव तहसील साहू संघ बसना के संरक्षक जन्मजय साव के नेतृत्व में पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत भवन पथरला में शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस निर्वाचन में परिक्षेत्र के 34 गांवों के कुल 130 महिला एवं पुरुष मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक मतदान किया। मतगणना पूर्ण होने के पश्चात जन्मजय साव पैनल से उमेश साव बंसुला ने अध्यक्ष पद पर 89 मत प्राप्त कर इंदल साव आरंगी को 53 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। इंदल साव को पंकज साव एवं महेंद्र साव समर्थित पैनल से 36 मत प्राप्त हुए। वहीं उपाध्यक्ष पद पर मोहन साव मिलाराबाद ने 84 मत पाकर राजकुमार साव दुरूकपाली को 44 मतों से हराया। पुरुष संगठन सचिव पद पर योगेश्वर साव बीटांगीपाली ने 93 मत प्राप्त कर झलेश साव मोहगांव को 60 मतों के अंतर से पराजित किया। इसी प्रकार महिला संगठन सचिव पद पर मोहिनी रूपानंद साव ने 93 मत प्राप्त कर पार्वती परक्षित साव दलालखार को 61 मतों से हराया। महिला उपाध्यक्ष के रूप में बहन मोगरा वेदकुमार साव निर्वाचित हुईं।

परिणाम घोषित होते ही समाज में हर्ष और उत्सव का माहौल बन गया। समर्थकों ने आतिशबाजी की, एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी व्यक्त की और कर्मा माता के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। सभी नव निर्वाचित पदाधिकारी बोहारपार स्थित भक्तिन माता कर्मा देवी मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने माथा टेककर समाज की खुशहाली और एकता की कामना की।

चुनाव को लेकर समाज में जहाँ उत्साह का वातावरण रहा, वहीं मतदान केंद्र को बंसुला साहू सदन मुख्यालय के बजाय लगभग 20 किलोमीटर दूर सुदूर वनांचल क्षेत्र पथरला में बनाए जाने को लेकर वरिष्ठजनों और महिलाओं ने असंतोष भी जताया। उनका कहना था कि दूरस्थ मतदान स्थल के कारण बुजुर्गों एवं महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस निर्णय को समाज विरोधी और पक्षपातपूर्ण बताते हुए समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने वर्तमान तहसील अध्यक्ष पंकज साव पर अपने समर्थित प्रत्याशी को लाभ पहुँचाने का आरोप लगाया।

संरक्षक जन्मजय साव ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बंसुला परिक्षेत्र साहू संघ की नई टीम समाज उत्थान के लिए ठोस कार्य करेगी। आने वाले समय में युवक-युवती परिचय सम्मेलन, सामूहिक विवाह सम्मेलन एवं माता कर्मा जयंती जैसे सामाजिक आयोजनों के माध्यम से समाज को एकजुटता के सूत्र में बाँधने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति एकता, सहभागिता और सहयोग से ही संभव है।
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