राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर कांग्रेसजनों ने किया स्मरण
बिलासपुर :-जिला कांग्रेस कमेटी(शहर एवं ग्रामीण)ने 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी की जयंती धूमधाम और श्रद्धाभाव से मनाई। इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने दोनों महापुरुषों की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके जीवन,आदर्शों और योगदान को याद किया। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की बड़ी उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांण्डेय ने कहा कि महात्मा गांधी जी केवल भारत ही नहीं,बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सत्य, अहिंसा और सविनय आंदोलन के मार्ग पर चलते हुए उन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाई और समस्त मानवता को शांति, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज विश्व जिन जटिल समस्याओं और हिंसात्मक प्रवृत्तियों से जूझ रहा है,उन परिस्थितियों में गांधी जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। यदि समाज उनके सिद्धांतों को आत्मसात करे तो निश्चित ही समस्याओं का समाधान संभव होगा।
कार्यक्रम के संयोजक ज़फ़र अली और हरीश तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि लालबहादुर शास्त्री जी भारतीय राजनीति के आदर्श पुरुषों में से एक थे। वे सादगी,ईमानदारी और कर्मठता के प्रतीक थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने देश के सैनिकों और किसानों के महत्व को रेखांकित करते हुए ऐतिहासिक नारा “जय जवान – जय किसान” दिया,जो आज भी उतना ही सार्थक है। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना ने पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी और लाहौर तक पहुंच गई थी। हालांकि रूस की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ,लेकिन दुर्भाग्यवश ताशकंद समझौते के तुरंत बाद 11 जनवरी 1966 को शास्त्री जी का असमय निधन हो गया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी जैसे महापुरुषों के आदर्श और त्याग से ही भारत की आज़ादी और मजबूती संभव हुई। आज की पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और देशहित में कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम में शहर अध्यक्ष विजय पांण्डेय,संयोजक ज़फ़र अली, हरीश तिवारी,माधव ओत्तालवार,त्रिभुवन कश्यप,शिवा मिश्रा, विश्वम्भर गुलहरे,कालीचरण यादव,विनोद साहू,जितेंद्र पांण्डेय, स्वर्णा शुक्ला,अन्नपूर्णा ध्रुव,चंद्रहास केशरवानी,शैलेन्द्र जायसवाल, विजय दुबे,गणेश रजक,जसबीर गुम्बर,सुरेंद्र तिवारी,सूर्यमणि तिवारी,भगत गांधी,वीरेंद्र सारथी,गौरव एरी,अतहर खान,सुनील पांण्डेय,करम गोरख,अशोक चौधरी,चंद्रहास शर्मा,हेरि डेनिएल, संतोष पिप्पलवा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री जी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।



