पेंशनरों ने वृद्धजन सम्मान दिवस पर सरकारी कार्यक्रम को ठुकराया,कहा यह सम्मान नहीं अपमान है
बिलासपुर/रायपुर :- छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित वृद्धजन सम्मान दिवस कार्यक्रम को प्रदेशभर के पेंशनरों ने पूरी तरह ठुकरा दिया। पेंशनर्स संगठनों का कहना है कि सरकार केवल दिखावे के लिए ऐसे आयोजन करती है जबकि वास्तविक समस्याओं के समाधान से लगातार बचती आ रही है।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने राजधानी रायपुर सहित सभी जिलों में इस सरकारी आयोजन का विरोध जताते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि जब तक सरकार केंद्र की तर्ज पर देय तिथि से एरियर सहित महंगाई राहत भत्ता (डीआर) प्रदान नहीं करती और 2021 से लागू अपने ही मुफ्त बस यात्रा आदेश को ईमानदारी से लागू नहीं कराती, तब तक पेंशनरों के लिए ऐसे सम्मान समारोह महज़ अपमान का प्रतीक हैं।
महासंघ का आरोप है कि सरकार लगभग आठ वर्षों से ब्यूरोक्रेट्स की सलाह पर बुजुर्ग पेंशनरों के वैध हक का शोषण कर रही है। यह बड़ी विडम्बना है कि राज्य सरकार अपने ही आदेश का पालन कराने में असफल है,जिससे 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को एक सहायक के साथ बस यात्रा की सुविधा अभी तक नहीं मिल पा रही है। ऐसे में,सरकार द्वारा वृद्धजन सम्मान दिवस पर बुजुर्गों को सम्मानित करने का प्रयास महज़ कागजी खानापूर्ति और खर्चे की औपचारिकता प्रतीत होता है।
बिलासपुर से जारी संयुक्त विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के जिला अध्यक्ष राकेश जैन,संभागीय अध्यक्ष राजेन्द्र कश्यप,संभागीय महिला अध्यक्ष श्रीमती कुन्ती राणा तथा जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र द्विवेदी ने कहा कि पेंशनरों ने पूरे प्रदेश में इस कार्यक्रम का विरोध कर सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब बुजुर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे।
नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही केंद्र की भांति एरियर सहित डीआर का भुगतान शुरू नहीं किया गया और 2021 के मुफ्त बस यात्रा आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो आने वाले समय में पेंशनर्स महासंघ राज्यव्यापी आंदोलन तेज करेगा।


