तालाब की मेड़ फूटने से गमीणों जान जोखिम में डालकर चल रहे 1वर्षों से ग्रामीणों ने कलेक्टर से मरम्मत की मांग...


नगरी - विकासखंड नगरी अंतर्गत वनग्राम गोविंदपुर के ग्रामीण जनदर्शन में पहुँचे और ग्राम से जुड़े एक गंभीर जनसमस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। ग्रामीणों ने बताया कि गोविंदपुर से बटनहरी–डोंगरडुला होते हुए नगरी मुख्यालय को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित तालाब की मेड़ इस वर्ष बारिश के दौरान फूट गई थी, जिसे अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार दो बारिश समाप्त हुए इस वर्ष लगभग चार माह से अधिक का समय बीत चुका है, किंतु तालाब की क्षतिग्रस्त मेड़ की मरम्मत नहीं होने से आसपास के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पानी के बहाव से 5 से 6 किसानों की फसल पूर्व में ही बर्बाद हो चुकी है, वहीं लगातार दूसरे वर्ष भी मेड़ की स्थिति ठीक न होने के कारण समीपवर्ती किसान फसल लगाने में असमर्थ बताए जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गोविंदपुर ग्राम पंचायत की जनसंख्या 900 से अधिक है तथा आश्रित ग्राम नेगीनाला भी इसी तालाब मार्ग पर निर्भर है। ग्राम पंचायत से विकासखंड मुख्यालय की दूरी लगभग 19 किलोमीटर है और कृषि कार्यों सहित दैनिक आवागमन के लिए इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है। वर्तमान में तालाब मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद बताया गया है, जबकि दोपहिया वाहन एवं साइकिल सवार जान जोखिम में डालकर तालाब की मेड़ से गुजरने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि यह तालाब निस्तारी उपयोग का भी है, जिससे पशुपालन और घरेलू कार्यों में भी परेशानी उत्पन्न हो रही है। इसके अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्र में किसी प्रकार का चेतावनी अथवा सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष कृषि विभाग के अधिकारी योगेन्द्र पैकरा द्वारा तालाब का निरीक्षण किया गया था। 
इस दौरान पूर्व सरपंच रोहित मरकाम, झुमुकलाल मरकाम, देवलाल मरकाम सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों का कहना है कि इसके पश्चात भी गर्मी के मौसम में मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने बताया कि अक्टूबर 2024 में कलेक्टर जनदर्शन के माध्यम से विधायक, जनपद पंचायत नगरी एवं संबंधित विभाग को तालाब की मरम्मत को लेकर आवेदन सौंपा गया था, किंतु अब तक समाधान नहीं हो पाया है। इस वर्ष भी भैयालाल नेताम, सुनीता नेताम एवं सुखबती नेताम सहित कुछ किसानों द्वारा फसल नहीं लगाई जा सकी।

पूर्व सरपंच रोहित मरकाम, झुमुकलाल मरकाम, प्रेमबाई नेताम, रायबाई, शोभाराम सलाम, दीपक नेताम, शीतल मरकाम, रतनीबाई सलाम, ज्योति नेताम, पीयूष कुमार, देवेश सलाम, पंचूलाल मरकाम, उत्तम सलाम, सुमन कुंजाम, दीपक मरकाम, पियूष कोराम, महेंद्र ठाकुर, फूलचंद नेताम, अजय नेताम, आनंद नेताम एवं राजकुमार सहित समस्त ग्रामवासियों ने एकमत होकर प्रशासन से तालाब की मेड़ की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि किसानों को राहत मिल सके और आवागमन सामान्य हो सके।
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