दहेज की मांग, अवैध प्रेम संबंध और लगातार प्रताड़ना ने ली विवाहिता की जान
पति पर हत्या कर आत्महत्या का रूप देने का आरोप, पीड़ित पिता ने निष्पक्ष जांच की मांग की
महासमुंद/बसना :- ग्राम जगत निवासी शोभाराम राजहंस ने अपनी पुत्री रश्मि किरण भोई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी पुत्री की मृत्यु आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज प्रताड़ना,अवैध संबंध और लगातार मानसिक-शारीरिक क्रूरता का परिणाम है। पीड़ित परिवार ने मृतका के पति विरेन्द्र भोई (निवासी ग्राम भुरकोनी) के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित पिता शोभाराम राजहंस ने बताया कि उनकी पुत्री रश्मि किरण का विवाह 20 फरवरी 2025 को सामाजिक रीति-रिवाज से विरेन्द्र भोई के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के समय उन्होंने अपनी सामर्थ्य अनुसार घर-गृहस्थी का समस्त सामान,जेवरात तथा एक स्कूटी वाहन उपहार स्वरूप दिया था।
विवाह के कुछ ही दिनों बाद शुरू हुई दहेज को लेकर प्रताड़ना
शोभाराम राजहंस के अनुसार, विवाह के तीन-चार दिन बाद से ही विरेन्द्र भोई द्वारा उनकी पुत्री को यह कहकर ताने दिए जाने लगे कि विवाह में बुलेट मोटरसाइकिल नहीं दी गई और केवल स्कूटी दी गई है। इसी बात को लेकर वह लगातार स्कूटी के बदले बुलेट या उसके लिए नगद राशि मायके से लाने का दबाव बनाने लगा। मांग पूरी न होने पर रश्मि किरण को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।दिनांक 16 मार्च 2025 को जब रश्मि किरण पहली बार मायके आई,तब उसने अपने साथ हो रही प्रताड़ना की जानकारी अपने माता-पिता को दी। इसके बाद अप्रैल माह में भाई द्वारा बहन को ससुराल छोड़ने के दौरान दामाद की मांग पर ₹50,000/- नकद दिए गए,जिससे कुछ समय के लिए स्थिति सामान्य हुई।
पैसों की मांग पर मारपीट, मायके लौटने को मजबूर हुई विवाहिता
परिजनों ने बताया कि 1 सितंबर 2025 को विरेन्द्र भोई ने पुनः पैसों की मांग को लेकर रश्मि किरण के साथ मारपीट व गाली-गलौच की,जिससे आहत होकर वह 2 सितंबर 2025 को मायके लौट आई परिजनों द्वारा समझाने का प्रयास किया गया,लेकिन आरोपी ने बातचीत से साफ इनकार कर दिया।
बाद में 2 अक्टूबर 2025 को विरेन्द्र भोई स्वयं ग्राम जगत आया,परिवार से माफी मांगी और भविष्य में ऐसा न करने का भरोसा दिलाया। उस समय परिजनों ने पुनः ₹50,000/- देकर बेटी को ससुराल भेजा।
पति के अवैध संबंध का खुलासा, बढ़ी प्रताड़ना
परिजनों का आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद 5 अक्टूबर 2025 को रश्मि किरण को पति के मोबाइल से यह पता चला कि उसका नेहा मलिक नामक महिला से अवैध प्रेम संबंध है और दोनों के बीच फोन व व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार अश्लील बातचीत होती थी। इस पर आपत्ति जताने पर विरेन्द्र भोई ने रश्मि किरण के साथ मारपीट की और उसे घर से निकालते हुए मर जाने तक की बात कह दी। सूचना मिलने पर परिजन ग्राम भुरकोनी पहुंचे और रश्मि किरण को मायके ले आए। समाज के लोगों की मध्यस्थता के बाद लगभग एक माह पश्चात आरोपी ने दोबारा ऐसी गलती न करने का आश्वासन देकर उसे पुनः ससुराल ले गया।
अंतिम दिनों में बढ़ी हिंसा, बार-बार घर से निकाली गई
19 दिसंबर 2025 को रश्मि किरण ने फोन पर बताया कि पति फिर से नेहा मलिक के साथ रहने की बात कहकर उसके साथ मारपीट कर रहा है और उसे घर से निकाल दिया गया है। वह बस स्टैंड पर खड़ी थी,जहाँ से परिजन उसे मायके ले आए इसके बाद 22 दिसंबर 2025 को विरेन्द्र भोई ग्राम जगत आया और पूरे परिवार से माफी मांगकर रश्मि किरण को अपने साथ ले गया। उसी दिन दोपहर में उसके ससुराल पहुंचने की सूचना मिली।
फोन पर मांगी मदद, कुछ ही घंटों बाद मिली मौत की खबर
परिजनों ने बताया कि उसी दिन शाम करीब 4 से 4:30 बजे रश्मि किरण ने घबराई हुई आवाज में फोन कर बताया कि विरेन्द्र भोई उसे यह कहकर पीट रहा है कि वह नेहा मलिक के साथ ही रहेगा,उसे घर छोड़ने और मर जाने को कह रहा है। डर के कारण वह कमरे में बंद होकर छुपी हुई है और परिजनों से तुरंत आने की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही परिजन तत्काल ग्राम भुरकोनी पहुंचे। घर पहुंचने पर जब कमरे का दरवाजा खोला गया तो रश्मि किरण खिड़की में दुपट्टे से फांसी पर लटकी हुई मिली।
आत्महत्या नहीं, हत्या का आरोप
पीड़ित पिता का कहना है कि उनकी पुत्री की मृत्यु अप्राकृतिक और अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। लगातार दहेज की मांग, बुलेट मोटरसाइकिल के लिए दबाव, अवैध संबंध और शारीरिक-मानसिक क्रूरता के चलते उसकी बेटी की जान गई है। परिवार को आशंका है कि हत्या कर आत्महत्या का रूप दिया गया है।
दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष व गहन जांच कर विरेन्द्र भोई के विरुद्ध दहेज हत्या, क्रूरता और हत्या जैसी गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए तथा मृतका को न्याय दिलाया जाए।
