शादी पूर्व प्रेम संबंध छुपाकर कराया गया विवाह, फिर पति को झूठे मामलों में फंसाने का आरोपपूर्व प्रेमी के साथ रहने लगी विवाहिता
तलाक के नाम पर पैसों की मांग और ब्लैकमेलिंग से पीड़ित पति ने मांगा न्याय
महासमुंद/ बसना। जिले के बसना थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गंभीर पारिवारिक एवं सामाजिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक ने विवाह पूर्व तथ्यों को छुपाकर शादी कराए जाने, बाद में पत्नी द्वारा पति का परित्याग कर पूर्व प्रेमी के साथ रहने, झूठे आपराधिक प्रकरण दर्ज कराकर मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना देने तथा तलाक/समझौते के नाम पर अवैध धन की मांग करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए न्याय एवं सुरक्षा की मांग की है।
विवाह से पहले चल रहा था प्रेम संबंध, परिवार को थी पूरी जानकारी
पीड़ित ने बताया कि उनकी पत्नी खुशबू साव और जगबंधु दास वैष्णव के बीच वर्ष 2015-16 से प्रेम संबंध थे। दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी स्थापित हो चुके थे और विवाह का वादा भी किया गया था। इस पूरे तथ्य की जानकारी खुशबू साव के माता-पिता एवं परिवारजनों को थी, लेकिन इसे जानबूझकर छुपाया गया परिवारजनों द्वारा सामाजिक रीति-रिवाज और हिंदू परंपरा के अनुसार चन्द्रभान साव से खुशबू का विवाह करा दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि यदि उन्हें यह सच्चाई पहले पता होती तो वह कभी विवाह के लिए सहमत नहीं होते।
20 दिन बाद छोड़कर चली गई पत्नी, फिर लौटकर देने लगी तलाक की धमकी
विवाह के बाद खुशबू साव लगभग 20 दिन तक ही पति के साथ रही, इसके बाद वह अपने पूर्व प्रेमी जगबंधु दास के साथ घर छोड़कर चली गई। कुछ समय बाद वह पुनः पति के पास लौटी, लेकिन फिर करीब 20 दिन साथ रहने के बाद तलाक की मांग कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगी। सामाजिक सुलह की कोशिश पर मिली धमकी पीड़ित ने बताया कि 25 जून 2022 को साहू समाज परिक्षेत्र बरोली में पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन वहां अनावेदिका के पिता द्वारा समाज में जाने पर “जिंदगी बर्बाद कर देने” की धमकी दी गई।
झूठे दहेज और बलात्कार प्रकरण का आरोप
इसके बाद अगस्त 2022 में अनावेदिका के पिता द्वारा चन्द्रभान साव के विरुद्ध दहेज प्रताड़ना का मामला तथा पूर्व प्रेमी जगबंधु दास के विरुद्ध धारा 376 का मामला महिला थाना महासमुंद में दर्ज कराया गया। हालांकि, मात्र 5–6 दिनों के भीतर खुशबू साव ने अपने बयान बदल दिए और प्रेमी जगबंधु दास से समझौता कर लिया। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद खुशबू साव, जगबंधु दास के साथ पत्नी के रूप में रहने लगी, जबकि उसका वैधानिक एवं सामाजिक रूप से पति से तलाक नहीं हुआ था। पूर्व प्रेमी पहले से विवाहित, एक बच्चे का पिता मामले में यह भी सामने आया है कि जगबंधु दास वैष्णव पहले से विवाहित है और उसका एक बच्चा भी है। वर्ष 2019 में उसकी पत्नी को अवैध संबंधों की जानकारी मिलने पर उसने तलाक हेतु न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया है। इसके बावजूद तलाक प्रक्रिया पूर्ण हुए बिना खुशबू साव के साथ पति-पत्नी के रूप में रहना कानून और नैतिकता दोनों के खिलाफ बताया जा रहा है।
तलाक के नाम पर ₹50 हजार की मांग ब्लैकमेलिंग का आरोप
पीड़ित चन्द्रभान साव का आरोप है कि वर्तमान में अनावेदक गण उसके ऊपर तलाक अथवा आपसी समझौते के नाम पर ₹50,000 की अवैध मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न करने पर बार-बार झूठी शिकायतें, दहेज के मामले और बदनामी की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
पीड़ित ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने, झूठे मामलों से बचाने तथा स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
